नई दिल्ली : साहित्य जगत के प्रतिष्ठित ‘अमर उजाला शब्द सम्मान-2025’ की घोषणा कर दी गई है। इस वर्ष का सर्वोच्च सम्मान ‘आकाशदीप’ हिंदी की प्रख्यात कथाकार ममता कालिया और मणिपुरी की विख्यात रचनाकार अरमबम ओंगबी मेमचौबी को प्रदान किया जाएगा। यह घोषणा विशेष महत्व रखती है क्योंकि वर्ष 2025 अंतरराष्ट्रीय महिला वर्ष का स्वर्ण जयंती वर्ष है, और ऐसे में दो सशक्त महिला रचनाकारों को सम्मानित करना स्त्री अस्मिता के प्रति साहित्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आकाशदीप सम्मान: पांच-पांच लाख रुपये का पुरस्कार
ममता कालिया को यह सम्मान उनके द्वारा मध्यमवर्गीय जटिलताओं और स्त्री संघर्ष को दिए गए सशक्त स्वर के लिए दिया जा रहा है। वहीं, मणिपुरी की सशक्त आवाज़ अरमबम ओंगबी मेमचौबी (मूल नाम डॉ. थौनोज़ाम चानू इबेमहल) को मैतेई पुराकथाओं और उत्तर-औपनिवेशिक वैचारिकी में उनके विशिष्ट योगदान के लिए चुना गया है। अलंकरण के रूप में दोनों मनीषियों को 5-5 लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र और गंगा प्रतिमा भेंट की जाएगी। अब तक यह सम्मान हिंदी के अलावा कन्नड़, मराठी, बांग्ला जैसी कई भाषाओं के दिग्गजों को मिल चुका है, और इस वर्ष पहली बार मणिपुरी को इसमें शामिल किया गया है।
वर्ष 2024 की श्रेष्ठ कृतियों के लिए शब्द सम्मान:
सर्वोच्च अलंकरण के साथ-साथ वर्ष 2024 में प्रकाशित श्रेष्ठ हिंदी कृतियों के लिए भी सम्मानों की घोषणा की गई है (पुरस्कार राशि: ₹1 लाख):
| श्रेणी | विजेता | कृति |
| छाप (कविता) | सविता सिंह | वासना एक नदी का नाम है |
| छाप (कथेतर) | नाइश हसन | मुताह |
| छाप (कथा) | शहादत | कर्फ्यू की रात |
| भाषा-बंधु (अनुवाद) | सुजाता शिवेन | चरु चीवर और चर्या (मूल ओड़िया: प्रदीप दाश) |
| थाप (प्रथम कृति) | मनीष यादव | सुधारगृह की मालकिनें |
अमर उजाला शब्द सम्मान के संयोजक यशवंत व्यास ने बताया कि इन कृतियों का चयन वर्षा दास, विभूति नारायण राय और धीरेन्द्र अस्थाना जैसे प्रख्यात साहित्यकारों के निर्णायक मंडल ने किया है। सम्मान पाकर ममता कालिया ने इसे एक “अनूठी और बहुमूल्य अनुभूति” बताया, जबकि अरमबम ओंगबी मेमचौबी ने कहा कि हिंदी ने मणिपुरी आवाज़ को शामिल कर इस सम्मान को अविस्मरणीय बना दिया है। ये सम्मान जल्द ही एक भव्य समारोह में अर्पित किए जाएंगे।


