मुंबई : गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप ने भारत के तेजी से बढ़ते डेटा सेंटर क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए रणनीतिक योजना की घोषणा की है। समूह ने पावर इंफ्रास्ट्रक्चर, बसडक्ट सॉल्यूशंस और ग्रीन कंसल्टेंसी सेवाओं को एकीकृत करते हुए इस ऊर्जा-गहन क्षेत्र के लिए विशेष समाधान पेश किए हैं। गोदरेज एनर्जी सॉल्यूशंस का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में अपने कुल राजस्व का 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा इसी क्षेत्र से हासिल करना है, जो केंद्रीय बजट 2026 में देश को वैश्विक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाने के विजन के अनुरूप है।
ऊर्जा दक्षता और स्थिरता पर ध्यान डेटा सेंटर वर्तमान में सबसे अधिक बिजली की खपत करने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स में से एक हैं। गोदरेज एनर्जी सॉल्यूशंस के बिजनेस हेड, राघवेंद्र मिर्जी ने बताया कि कंपनी अपने मॉड्यूलर बसडक्ट सिस्टम और ग्रीन बिल्डिंग विशेषज्ञता के जरिए हाइपरस्केलर्स और एंटरप्राइज कंपनियों को विस्तार करने में मदद करेगी। इससे न केवल ऊर्जा की लागत कम होगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। गोदरेज के पास ग्रीनफील्ड और कोलोकेशन डेटा सेंटर परियोजनाओं में व्यापक अनुभव है, जिन्हें IGBC और LEED जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है।
डिजिटल अर्थव्यवस्था और नीतिगत समर्थन भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में डेटा सेंटर्स की रणनीतिक अहमियत को देखते हुए सरकार ने इनके लिए दीर्घकालिक टैक्स हॉलिडे और नीतिगत प्रोत्साहन की घोषणा की है। उद्योग के अनुमानों के अनुसार, भारत की स्थापित डेटा सेंटर क्षमता जल्द ही बढ़कर 1.7 गीगावाट तक पहुँचने की संभावना है। एआई (AI) वर्कलोड, डेटा लोकलाइजेशन और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में वृद्धि इस क्षेत्र को और गति प्रदान कर रही है।
गोदरेज ने पहले ही कई प्रमुख डेटा सेंटर कंपनियों के साथ मिलकर सफलतापूर्वक कई परियोजनाएं पूरी की हैं। भविष्य में कंपनी पावर सबस्टेशन निर्माण और नेट-जीरो लक्ष्यों को हासिल करने के लिए ग्रीन कंसल्टिंग समाधानों के क्षेत्र में अपनी ऑर्डर बुक को और मजबूत करने का लक्ष्य रखती है। यह पहल भारत को एक लचीला और ऊर्जा-कुशल वैश्विक टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
