मुंबई : भारत की अग्रणी ऊर्जा कंपनी टाटा पावर ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 400 / 220 kV मेट्रो डिपो सबस्टेशन और उससे जुड़ी ट्रांसमिशन लाइनों को सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। यह परियोजना एनसीआर (NCR) क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, क्योंकि इसने स्थानीय नेटवर्क में 1,000 MVA की अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता जोड़ी है। इस प्रणाली के चालू होने से न केवल ग्रेटर नोएडा में बढ़ती बिजली की मांग पूरी होगी, बल्कि अतिरिक्त बिजली को ‘नॉर्दर्न ग्रिड’ में भेजकर अन्य उत्तरी राज्यों की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती प्रदान की जाएगी।
इस इंट्रा-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम का निर्माण टाटा पावर की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ‘टीपी जलपुरा खुर्जा ट्रांसमिशन लिमिटेड’ (TPJKPTL) द्वारा किया गया है। जलपुरा-खूर्जा टीबीसीबी (TBCB) परियोजना के तहत यह पहली बड़ी सफलता है, जिसे कंपनी ने निर्धारित समय सीमा के भीतर सटीक निष्पादन और कार्यकुशलता के साथ पूरा किया है। यह परियोजना टिकाऊ बुनियादी ढांचा विकास (Sustainable Infrastructure Development) के प्रति टाटा पावर की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे औद्योगिक और आवासीय दोनों क्षेत्रों को निर्बाध बिजली मिल सकेगी।
इस नई उपलब्धि के साथ ही टाटा पावर का कुल ट्रांसमिशन पोर्टफोलियो अब पूरे भारत में 7,047 सर्किट किलोमीटर (परिचालन और निर्माणाधीन मिलाकर) तक पहुँच गया है। कंपनी का यह विस्तार देश के बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क को सुदृढ़ करने और ‘वन नेशन, वन ग्रिड’ के विजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। समयबद्ध तरीके से ऐसी जटिल परियोजनाओं को पूरा करना टाटा पावर की तकनीकी विशेषज्ञता और राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा निर्माण में उसके योगदान को और अधिक पुख्ता करता है।


