खबर डिजिटल/ नेशनल डेस्क/ भारत में सोना और चांदी इन दिनों निवेशकों के लिए सुनहरा सौदा बन गए हैं। शुक्रवार को हाजिर और वायदा बाजार में इनकी कीमतों ने अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बना दिया। MCX पर सोना ₹2200 उछलकर ₹1,04,090 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, वहीं चांदी ₹2100 चढ़कर ₹1,20,900 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। घरेलू बाजार में भी सोना-चांदी की कीमतें नई ऊंचाई पर हैं, जहां 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,05,469 प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत ₹1,22,961 प्रति किलोग्राम दर्ज की गई।
रुपये की कमजोरी और वैश्विक कारक बने कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि इस रिकॉर्ड तोड़ उछाल के पीछे कई वजहें हैं। वैश्विक बाजार में बढ़ती मांग, रुपये में लगातार कमजोरी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाने की आशंका ने निवेशकों का रुझान सोना-चांदी की ओर बढ़ा दिया है। राजनीतिक अस्थिरता और वैश्विक संकट ने भी इन दोनों धातुओं को सेफ-हेवन निवेश बना दिया है।
2025 में शानदार रिटर्न
यह साल निवेशकों के लिए बेहद फायदेमंद रहा है। चांदी ने निवेशकों को ₹34,000 प्रति किलोग्राम तक का लाभ दिया है, जबकि सोना भी ₹26,700 प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ है। यानी जिन लोगों ने 2025 की शुरुआत में सोना और चांदी खरीदा था, उन्हें इस साल अब तक शानदार रिटर्न मिला है।
निवेश का सही समय?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा हालात निवेशकों के लिए सोना और चांदी में निवेश का सुनहरा अवसर हो सकते हैं। डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी, फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में संभावित कटौती और राजनीतिक अस्थिरता से इन धातुओं की मांग बढ़ रही है। यह ट्रेंड आने वाले समय में भी जारी रह सकता है।
भारत में सोना-चांदी की कीमतों में यह रिकॉर्ड उछाल इस बात का संकेत है कि निवेशक अभी भी इन धातुओं को सबसे सुरक्षित विकल्प मानते हैं। अगर वैश्विक स्तर पर आर्थिक और राजनीतिक अनिश्चितता बनी रहती है, तो निकट भविष्य में सोना और चांदी की कीमतें और ऊंचाई छू सकती हैं।


