संबलपुर : देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थानों में शुमार आईआईएम संबलपुर ने वैश्विक शैक्षणिक मानकों को अपनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान ने एसोसिएशन ऑफ एमबीए (AMBA) और बिज़नेस ग्रेजुएट्स एसोसिएशन (BGA) की मान्यता प्रक्रिया की आधिकारिक शुरुआत कर दी है। इसी सिलसिले में एएमबीए–बीजीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एंड्रयू मेन विल्सन और एएमबीए इंडिया की स्ट्रैटेजिक एंगेजमेंट मैनेजर शिखा तौंक ने संस्थान का दौरा किया और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की।
आईआईएम संबलपुर के निदेशक प्रो. महादेव जायसवाल ने संस्थान के विशिष्ट ‘3 आई’ मॉडल (इनोवेशन, इनक्लूसिवनेस और इंटेग्रिटी) पर जोर देते हुए कहा कि हमारा उद्देश्य केवल प्रबंधक नहीं, बल्कि आत्मविश्वास से भरे नेतृत्वकर्ता तैयार करना है। उन्होंने बताया कि संस्थान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वैश्विक सहयोग के माध्यम से अपनी शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ कर रहा है, ताकि छात्रों के विचारों को सफल व्यवसायों में बदला जा सके। एएमबीए–बीजीए के सीईओ एंड्रयू मेन विल्सन ने संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आईआईएम संबलपुर जैसे संस्थान वैश्विक रोजगार बाजार के लिए सक्षम और प्रतिस्पर्धी नेतृत्व तैयार कर रहे हैं।
संस्थान न केवल वैश्विक मानकों पर ध्यान दे रहा है, बल्कि अपने ‘सेंटर फॉर रिस्पॉन्सिबल बिज़नेस’ के माध्यम से स्थानीय समुदायों को भी सशक्त बना रहा है। ओड़िया भाषा में उद्यमिता कार्यक्रम, बुनकरों के लिए ‘मास्टर वीवर’ पहल और एससी-एसटी बिज़नेस एक्सेलरेटर जैसे कार्यक्रमों के जरिए आईआईएम संबलपुर सामाजिक परिवर्तन और समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। यह दौरा अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक मानकों को स्थानीय सशक्तिकरण के साथ जोड़ने की संस्थान की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।


