मणिपुर : पूर्वोत्तर के स्थानीय युवाओं को जापान में रोज़गार के अवसर दिलाने के लिए ज़रूरी कौशल के साथ सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) की सहायक कंपनी एनएसडीसी इंटरनेशनल (एनएसडीसीआई) ने मणिपुर विश्वविद्यालय के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस समझौते के तहत, विश्वविद्यालय परिसर में एक अत्याधुनिक जापानी भाषा ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा।
सेंटर का उद्देश्य और लाभ
इस पहल का मुख्य उद्देश्य मणिपुर और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के युवाओं के बीच उच्च गुणवत्ता वाली जापानी भाषा दक्षता विकसित करना है, ताकि उन्हें जापान के तेज़ी से बढ़ते कार्यबल क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय अवसरों के लिए तैयार किया जा सके।
- ट्रेनिंग फ्रेमवर्क: एनएसडीसीआई अंतर्राष्ट्रीय मानकों और जापान की आवश्यकताओं के अनुरूप एक व्यापक ट्रेनिंग फ्रेमवर्क को डिज़ाइन और लागू करेगा।
- सुविधाएँ: मणिपुर विश्वविद्यालय ऑन-कैंपस प्रशिक्षण बुनियादी ढांचा प्रदान करेगा, जिससे छात्रों के लिए सुलभ और समावेशी कौशल विकास सक्षम होगा।
- उद्योग: यह सेंटर केयरगिवर्स, हॉस्पिटैलिटी, एग्रीकल्चर, मैन्युफैक्चरिंग आदि सहित कई उद्योगों के लिए शिक्षार्थियों को बुनियादी स्तर से लेकर एडवांस्ड स्तर तक मार्गदर्शन करेगा।
- वैश्विक करियर: ट्रेनिंग से युवाओं को रोज़गार मिलेगा, टैलेंट की मोबिलिटी बढ़ेगी, और वे वैश्विक मंच पर पूरे आत्मविश्वास के साथ हिस्सा ले पाएंगे।
एनएसडीसीआई के सीईओ का वक्तव्य
समारोह में बोलते हुए, एनएसडीसी इंटरनेशनल के सीईओ श्री आलोक कुमार ने कहा:
“यह साझेदारी मणिपुर के युवाओं के लिए वैश्विक अवसरों का विस्तार करने में एक महत्वपूर्ण कदम है। अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विश्व स्तरीय जापानी भाषा प्रशिक्षण प्रदान करके, हम उम्मीदवारों को प्रतिस्पर्धी करियर बनाने और विदेशी बाजारों में पूरे आत्मविश्वास के साथ हिस्सा लेने में सक्षम बना रहे हैं। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत के हर हिस्से की प्रतिभा को पहचाना जाए, महत्व दिया जाए और उसे वैश्विक मंच दिया जाए।”
यह पहल युवाओं को विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त कौशल से सुसज्जित करने की एनएसडीसीआई की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है और दुनिया भर में टैलेंट मोबिलिटी की सुविधा प्रदान करते हुए ग्लोबल टैलेंट हब के रूप में भारत की स्थिति को रेखांकित करती है।
