रायपुर/ खबर डिजिटल/ छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ चुका है। पिछले 24 घंटों में हुई मध्यम बारिश अब मूसलाधार वर्षा में तब्दील होने जा रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD Raipur) ने प्रदेश के सभी 33 जिलों के लिए अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता और बढ़ेगी जिससे कई जिलों में सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
मानसूनी रेखा इस समय बीकानेर, कोटा, सवनी, दुर्ग, भवानीपटना और गोपालपुर होते हुए बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है। इसी वजह से छत्तीसगढ़ में व्यापक स्तर पर बारिश देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के मुताबिक 31 अगस्त से 5 सितंबर तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। लोगों को सलाह दी गई है कि मौसम का अपडेट देखने के बाद ही घरों से बाहर निकलें।
भारी बारिश से कई जिलों में तबाही का मंजर देखने को मिला है। कई कच्चे मकान धराशायी हो गए हैं तो वहीं खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। बाढ़ जैसे हालात बनने से मवेशियों के बह जाने और जनहानि की भी खबरें सामने आई हैं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
बारिश के आंकड़ों की बात करें तो नारायणपुर जिले के कोहकामेटा में 56.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो प्रदेश में सबसे अधिक है। राजधानी रायपुर में भारी बारिश के चलते अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री और पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
प्रदेशभर में लगातार बढ़ती वर्षा से जहां जलस्रोत लबालब भर रहे हैं, वहीं ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जलभराव और जनजीवन अस्त-व्यस्त होने की स्थिति भी पैदा हो रही है। मौसम विभाग ने लोगों को अलर्ट रहकर सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।


