CM Sai Letter To Mamata Banerjee : देश की राष्ट्रपति के कथित अपमान को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ममता बनर्जी को पत्र लिखकर नाराजगी जताई है। उन्होंने पत्र में कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ किया गया व्यवहार दुखद और अक्षम्य है। इससे देश की लोकतांत्रिक परंपराओं को ठेस पहुंची है।
सीएम साय का ममता को पत्र
मुख्यमंत्री साय ने अपने पत्र में लिखा कि आशा है, आप सानंद होंगी। आपको दूसरी बार बड़े ही दुखी मन से यह पंत्र लिख रहा हूं, आशा है कि आप संज्ञान लेंगी। भारत की लोकतांत्रिक परम्पराएं और शिष्टाचार हमेशा से प्रशंसित रहे हैं। यहां मतभेद को कभी भी मनभेद नहीं बनाया गया। हमें इसे अक्षुण्ण रखना चाहिए। जनजाति समाज से आनेवाली भारत की महिला राष्ट्रपति माननीया द्रौपदी मुर्मूजी के साथ पिछले दिनों आपके द्वारा किया गया अपमान इन परंपराओं को तिलांजलि सा देता महसूस हुआ है।
यह अत्यधिक कष्टकर : सीएम साय
उन्होंने आगे लिखा है कि मुझे इसका दुःख है। महिला दिवस से ठीक पहले आपके द्वारा किया गया वह व्यवहार अक्षम्य है। विशेषकर आप स्वयं महिला है और बावजूद इसके ऐसा किया जाना अत्यधिक पीडादायक है। हमें अब तक लगा था कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार हुई ऐसी दुखद घटना पर आप दुःख जताएंगी, पर उस घटना के बाद आपकी प्रतिक्रिया ने देश को और अधिक आहत किया है। ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी राज्य शासन के विरुद्ध राष्ट्रपतिजी को अपनी व्यथा सार्वजनिक करनी पड़ी है। यह अत्यधिक कष्टकर है।
आपने शपथ का किया उल्लंघन…
पश्चिम बंगाल, जिसके भद्र लोक की विश्व भर में चर्चा है। यह उस राज्य की छवि को भी काफी नुकसान पहुंचाने वाला है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से ऐन पहले एक जनजातीय समाज से आनेवाली महिला राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान न्यूनतम शिष्टाचार का भी पालन नहीं किया जाना, जनजातीय समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रम का स्थान मनमाने ढंग से बदल देना। राष्ट्रपतिजी को मूलभूत सुविधाओं तक से वंचित रखकर आपने संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ का भी उल्लंघन किया है। यह अपमान वास्तव में निंदनीय है। यह विशेषकर देश भर के मेरे जैसे करोड़ों आदिवासियों, पिछडों और दलितों का अपमान है। मातृशक्ति का भी आपने अपमान किया है।
आदिवासी विरोधी का परिचय दिया…
ममताजी, इससे पहले भी हमने संदेशखाली कांड पर आपका ध्यान आकृष्ट कराया था, वहां जनजातीय समाज की स्त्रियों के विरुद्ध भी आपकी पार्टी के नेताओं द्वारा अपराध की पराकाष्ठा पार कर दी गयी थी, तब भी आपने मुद्दे पर बात नहीं कर अपनी आदिवासी वंचित विरोधी मानसिकता का परिचय दिया था। आखिर जनजातीय समाज ने आपका क्या बिगाड़ा है? पश्चिम बंगाल के संथाल समाज समेत सभी निवासियों की प्रदेश के विकास में भागीदारी रही है। आपके द्वारा पश्चिम बंगाल के वंचित समाज से लगातार दुर्व्यवहार किया जा रहा है. यह सर्वथा अनुचित है। प्रदेश की जनता इसे कभी भी नहीं भूलेगी।
राष्ट्रपति से मांगे क्षमा : सीएम साय
आपसे आग्रह है कि कृपया सच्चे मन से देश समाज और राष्ट्रपतिजी से क्षमा मांग कर अपनी भूल स्वीकारें और आगे से हमेशा लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अच्छा भाव रखने के प्रति देश को आश्वस्त करें। ऐसा किया जाना आपकी निजी छवि को ठीक करने की दृष्टि से भी उपयोगी रहेगा। आशा है, आप ध्यान देंगी। धन्यवाद।



