गरियाबंद/ मनमोहन नेताम/ खबर डिजिटल/ छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में बीते दो तीन दिनों से लगातार बारिश का मौसम जारी है नदी नाले उफान पर है, बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है, बेबौसम बारिश से जनता परेशान है
आज भारत स्वतंत्र है पर सवाल यही उठता है—क्या हम सच में स्वतंत्र हैं क्या हमारे देश के लोग हर पल अपनी मूलभूत आवश्यकताओं और जीवन सुरक्षा के लिए संघर्ष करते हुए स्वतंत्र महसूस कर सकते हैं, यह सवाल सबके मन में उठता है लेकिन सिस्टम है साहब अपने अपने में व्यस्त है।
बता दे की एक ऐसा ही दिल को जंगझोर देने वाला मामला का विडियो सामने आया है ,मामला मैनपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत अमाड के ग्राम देवझर अमली का है जहां पर एक गर्भवती महिला 24 वर्षीय पिंकी नेताम पति रतिराम नेताम ग्राम देवझरअमली ग्राम पंचायत अमाड़ तह मैनपु की है जिसका प्रसव पीड़ा देख तेज बहती नदी पार करने के लिए परिजन और ग्रामीणों को खाट पर उठाकर ले जाना पडा जो न केवल अत्यंत जोखिम भरा था, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी झकझोरने वाला था यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि उन लाखों लोगों की त्रासदी का आईना है जो छोटी-छोटी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में रोज अपने जीवन को जोखिम में डालते हैं।
सवाल यह उठता है कि शासन प्रशासन केवल चुनाव के समय ही सक्रिय दिखते हैं, मूलभूत सुविधाओं से वंचित लोग जैसे एम्बुलेंस और अन्य मदद नीतिगत रूप से स्थायी नहीं होती अनेकों मांगों और धरना प्रदर्शन के बावजूद भी स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं आया यह लापरवाही हमारी स्वतंत्रता की वास्तविक तस्वीर को दर्शाती है , किया इस पर परिजन की लाचारी समझी जाए या फिर सिस्टम की लापरवाही यह समझ से परे है ।
