सीधी/बृजेश पाण्डेय/खबर डिजिटल/ सीधी जिले के कुसमी वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने वन्यजीव अपराधियों के खिलाफ बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए चीतल के अवैध शिकार में शामिल आरोपी को छह माह बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। लंबे समय से फरार चल रहे इस आरोपी की गिरफ्तारी को वन विभाग की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
घटना के बाद से था फरार
मिली जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई सहायक संचालक अधिकारी कुसमी के निर्देशन में की गई। बीट खरसोती क्षेत्र में जंगली जानवर चीतल का अवैध शिकार किए जाने के बाद आरोपी घटना को अंजाम देकर फरार हो गया था। बीते करीब छह महीनों से वन विभाग की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी, लेकिन वह बार-बार ठिकाने बदलकर बचता रहा।
वन विभाग को हाल ही में सूत्रों के माध्यम से आरोपी के बारे में पुख्ता जानकारी प्राप्त हुई।
टीम ने रणनीति बनाकर की घेराबंदी
सूचना मिलते ही परिक्षेत्र सहायक कुसमी के नेतृत्व में वनकर्मियों की टीम ने रणनीति बनाकर इलाके में घेराबंदी की और आखिरकार आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रामनरेश पटवा पिता रामचरण पटवा, उम्र 41 वर्ष, निवासी बंजारी के रूप में की गई है।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई
आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत धारा 2(1), 9, 20, 27, 29, 31, 35, 39 एवं 51(सी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। वन विभाग ने आरोपी को 20 दिसंबर की सुबह करीब 7 बजे गिरफ्तार किया। इसके बाद नियमानुसार आरोपी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी ले जाकर चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया।
अवैध शिकारियों में हड़कंप
चिकित्सकीय जांच के बाद आरोपी को मझौली न्यायालय में पेश किया गया, जहां न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जेल वारंट जारी कर आरोपी को जेल भेजने के आदेश दिए। इस कार्रवाई से वन्यजीव तस्करों और अवैध शिकारियों में हड़कंप मच गया है।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में परिक्षेत्र सहायक कुसमी साधूलाल सिंह, बीट गार्ड माच महुआ बंसलाल सिंह, जगनारायण सिंह, नीरज सोलंकी सहित वन विभाग के अन्य कर्मचारियों की भूमिका सराहनीय रही। वन विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वन्यजीवों के अवैध शिकार पर किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।


