नई दिल्ली। बेरोजगारी की चुनौती से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव (ELI) योजना को हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।
ELI योजना का मकसद खासकर पहली बार नौकरी करने वालों को प्रोत्साहन देना और विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देना है।
🔹 पहली बार नौकरी पाने वालों को मिलेगा ₹15,000 तक का प्रोत्साहन
इस स्कीम के तहत पहली बार नौकरी करने वालों पर सरकार कंपनियों को ₹15,000 तक की अधिकतम सब्सिडी देगी। यह सब्सिडी दो किस्तों में मिलेगी — पहली किस्त छह माह बाद और दूसरी 12 माह बाद। इससे न केवल कंपनियों को नए युवाओं को भर्ती करने में मदद मिलेगी, बल्कि युवाओं को भी पहली नौकरी पाने में राहत मिलेगी।
🔹 स्थायी रोजगार पर भी मिलेगा सरकार का सपोर्ट
केवल नई नियुक्तियों तक ही योजना सीमित नहीं है। स्थायी रूप से रोजगार देने वाली कंपनियों को भी समर्थन मिलेगा। ऐसे नियोक्ताओं को दो वर्षों तक हर कर्मचारी पर ₹3,000 प्रति माह की सब्सिडी मिलेगी। इससे लंबे समय तक रोजगार को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
🔹 एक लाख करोड़ की लागत से बनेगी नींव
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ELI योजना को ₹1 लाख करोड़ रुपये के बजट के साथ तैयार किया गया है। यह योजना रोजगार के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता को भी मजबूती देगी। उन्होंने बताया कि यह स्कीम व्यापक विचार-विमर्श के बाद बनाई गई है और इसे जल्द लागू किया जाएगा।
🔹 बजट में हुई थी घोषणा
गौरतलब है कि इस योजना की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान की थी। अब कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इसे धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
🛠 अन्य कैबिनेट फैसले भी अहम
👉 अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) योजना को मंजूरी दी गई है, जिससे रणनीतिक और उभरते क्षेत्रों में निजी क्षेत्र को R&D में भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।
👉 तमिलनाडु के परमकुडी से रामनाथपुरम तक 46.7 किमी के 4-लेन हाईवे निर्माण को भी हरी झंडी मिली है, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा।


