नई दिल्ली : टाटा पावर ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण सप्ताह के अवसर पर रोहिणी, दिल्ली में ‘नेशनल ऊर्जा मेला 2025’ का शानदार आयोजन किया। इस मेले ने भारत के 15 राज्यों के 200 स्कूलों से आए 1,000 से अधिक छात्रों और शिक्षकों को एक साझा मंच प्रदान किया।
यह आयोजन टाटा पावर की प्रमुख पहल ‘क्लब एनर्जी’ के तहत किया गया, जो पिछले एक दशक से स्कूली बच्चों को स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक कर रहा है।
मेले की मुख्य विशेषताएं: “स्वच्छ ऊर्जा, हरित कल”
छात्रों ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) पर आधारित कई नवाचारों का प्रदर्शन किया:
- नवाचार प्रदर्शनी: छात्रों ने स्वच्छ ऊर्जा, सर्क्युलरिटी और संवर्धन (Conservation) पर आधारित वर्किंग मॉडल प्रस्तुत किए।
- प्रतियोगिताएं: ऊर्जा संरक्षण का संदेश देने वाली पोस्टर-मेकिंग, ज्ञानवर्धक क्विज़ और समस्या-समाधान गतिविधियों ने बच्चों में टीम वर्क और जिज्ञासा को बढ़ावा दिया।
- विशेष विमोचन: अमर चित्र कथा के सहयोग से ‘गज संरक्षण’ कॉमिक बुक के कवर पेज का विमोचन किया गया, जिसका उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण और मानव-पशु संघर्ष के प्रति जागरूकता फैलाना है।
- प्रेरक संवाद: भारत के सबसे युवा वैज्ञानिक “बनाना बॉय” गोपाल जी ने कचरे से स्वच्छ ऊर्जा बनाने की अपनी यात्रा साझा कर छात्रों को प्रेरित किया।
नेतृत्व का संदेश
श्री हिमाल तिवारी, सीएचआरओ और प्रमुख – सस्टेनेबिलिटी एवं सीएसआर, टाटा पावर:
“स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव तभी स्थायी होगा जब इसे जिम्मेदार नागरिक आगे बढ़ाएंगे। ‘क्लब एनर्जी’ के माध्यम से हम कम उम्र में ही वैज्ञानिक सोच विकसित कर रहे हैं।”
श्री द्विजादास बसाक, सीईओ, टाटा पावर-डीडीएल:
“यह मंच छात्रों को जलवायु परिवर्तन और स्थिरता के प्रति जागरूक कर रहा है। हमारा लक्ष्य जागरूक नेताओं की एक नई पीढ़ी तैयार करना है जो अपने समुदायों में स्थायी परिवर्तन ला सकें।”
‘क्लब एनर्जी’ का प्रभाव एक नज़र में
| विवरण | प्रभाव/पहुँच |
| राज्यों की संख्या | 15 राज्य और 15 आकांक्षी जिले |
| कुल छात्र पहुँच | 10 लाख से अधिक छात्र |
| कुल स्कूल | 2,500 से अधिक (ग्रामीण और सरकारी सहित) |
| सीधा जुड़ाव | 50,000+ छात्र (ऊर्जा मेलों के माध्यम से) |
| विस्तार (Eco Crew) | यूपी और उत्तराखंड के 24 शहरों में 1,000+ स्कूल |
शैक्षणिक भ्रमण: अनुभव को और समृद्ध बनाने के लिए छात्रों को राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, राष्ट्रीय संग्रहालय और राष्ट्रपति भवन का भ्रमण भी कराया गया।


