Tuesday, November 3, 2026
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कटनी में आबकारी नियमों की खुलेआम अनदेखी? शराब दुकानों से लेकर होटलों तक सवालों के घेरे में व्यवस्था गली-मोहल्लों तक पहुंची अवैध शराब, जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

खबर डिजिटल न्यूज़ रिपोर्टर /कटनी– शहर में शराब के अवैध कारोबार और आबकारी नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि शहर के कुछ होटल संचालकों द्वारा बिना वैध लाइसेंस होटल परिसरों में शराब परोसी और बेची जा रही है। वहीं दूसरी ओर, शासकीय देशी एवं अंग्रेजी शराब दुकानों पर भी निर्धारित नियमों के पालन को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं।स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ शराब दुकानों पर निर्धारित रेट लिस्ट प्रमुखता से प्रदर्शित नहीं की जा रही, जिसके चलते ग्राहकों से मनमाने दाम वसूले जाने की शिकायतें हैं। यदि ये आरोप सही हैं तो यह आबकारी व्यवस्था की निगरानी और जवाबदेही पर बड़ा सवाल है।स्कूटी और कार से गली-गली शराब पहुंचाने के आरोपशहर के विभिन्न इलाकों में स्कूटी और अन्य वाहनों के माध्यम से शराब पहुंचाने और बेचने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। आरोप है कि शराब का यह कथित अवैध कारोबार अब गली-मोहल्लों तक पैर पसार चुका है। इससे खासकर युवा वर्ग के नशे की गिरफ्त में आने को लेकर चिंता बढ़ रही है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि शहर में खुलेआम अवैध शराब की बिक्री और परिवहन हो रहा है तो निगरानी तंत्र आखिर कहां है? क्या जिम्मेदार विभाग को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही?हॉकर जोन और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में भी व्यवस्था पर सवालअलका होटल के सामने नगर निगम द्वारा बनाए गए हॉकर जोन में दिनभर शराबखोरी होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इसी तरह कटनी रेलवे स्टेशन के समीप संचालित शराब दुकान के बाहर भी दिनभर शराब खरीदने और पीने वालों की भीड़ रहने की शिकायतें हैं।सार्वजनिक स्थानों के आसपास इस तरह की गतिविधियों से आम नागरिकों, यात्रियों और परिवारों को असुविधा होने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठते हैं।10-20 पाव की कार्रवाई या बड़े नेटवर्क पर शिकंजा?शहर में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि कई बार कार्रवाई महज कुछ पाव शराब की जब्ती तक सीमित रह जाती है, जबकि कथित रूप से बड़े स्तर पर चल रहे अवैध कारोबार और सप्लाई नेटवर्क तक कार्रवाई नहीं पहुंच पाती।ऐसे में सवाल उठता है कि क्या छोटे मामलों में कार्रवाई कर आंकड़े पूरे करना ही पर्याप्त है, या फिर अवैध शराब के स्रोत, परिवहन और बिक्री के पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई की जरूरत है?नशा मुक्ति अभियान 2.0 पर भी उठे सवालकटनी पुलिस द्वारा जिले में नशा मुक्ति अभियान 2.0 चलाकर नशे के खिलाफ जागरूकता और कार्रवाई का संदेश दिया गया था। अभियान के दौरान पुलिस बल, प्रशासनिक संसाधनों और सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल हुआ।लेकिन यदि अभियान के बाद भी शहर में खुलेआम शराब की बिक्री, कथित अवैध परिवहन और सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी की शिकायतें सामने आती रहें, तो अभियान के धरातलीय असर पर सवाल उठना स्वाभाविक है।क्या सरकारी अभियान केवल कागजों और औपचारिक कार्रवाई तक सीमित रह गया है?

क्या कटनी को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है?और यदि अवैध शराब का कारोबार वास्तव में सक्रिय है तो उसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई कब होगी?

आबकारी विभाग की निगरानी पर बड़ा सवालशराब के अवैध कारोबार पर नियंत्रण और आबकारी नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है। ऐसे में शहर में सामने आ रही शिकायतों की निष्पक्ष जांच और प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है।

इस संबंध में जिला आबकारी अधिकारी विभा मरकाम से उनका पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ। विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

अब देखना यह है कि कटनी में आबकारी विभाग इन शिकायतों की जांच कर होटलों, शराब दुकानों, अवैध परिवहन और कथित गली-मोहल्ले के शराब कारोबार पर ठोस कार्रवाई करता है या फिर मामला महज औपचारिक कार्रवाई और कुछ पाव शराब की जब्ती तक सीमित रहता है।

सवाल सीधा है—जब सरकार नशामुक्ति की बात कर रही है, तो कटनी की सड़कों और गलियों में कथित रूप से फैल रहा शराब का कारोबार आखिर किसकी शह पर चल रहा है?

कटनी से सौरभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट

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