Kamal Nath: छिंदवाड़ा जिला एक बार फिर गरमाती सियासत केंद्र बन गया है। जिले के चारगांव प्रहलाद क्षेत्र में सामने आए एक जमीन विवाद और मारपीट की घटना ने अब हाई-प्रोफाइल राजनैतिक रूप ले लिया है। मामले में जहां एक तरफ कांग्रेस पार्टी ने वर्तमान भाजपा सांसद बंटी विवेक साहू पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने के आरोप लगाए हैं, वहीं सांसद ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए सीधे पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व सांसद नकुलनाथ पर उनके खिलाफ साजिश रचने का आरोप जड़ दिया है।
कांग्रेस का वार, थानों में प्रदर्शन
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो और पोस्ट तेजी से वायरल हुए। इसके बाद कांग्रेस आक्रामक मोड में आ गई। कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक रैली निकालकर कोतवाली थाने का घेराव किया। प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि छिंदवाड़ा और मेघासिवनी इलाकों में सत्ताधारी दल के रसूखदारों के सह पर अनुसूचित जाति और आदिवासी परिवारों की कीमती जमीनों को जबरन दबाया जा रहा है। कांग्रेस का दावा है कि जिले में भू-माफियाओं का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है और गरीब तबके पर प्रशासनिक दबाव बनाकर उनकी पुश्तैनी संपत्तियां हड़पी जा रही हैं, जिसे पार्टी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी।
सांसद साहू का पलटवार
अपने खिलाफ बढ़ते विरोध को देखते हुए भाजपा सांसद बंटी विवेक साहू ने मीडिया के सामने आकर कांग्रेस के राष्ट्रीय और राज्य नेतृत्व को आड़े हाथों लिया। सांसद साहू ने साफ किया कि चारगांव प्रहलाद की घटना दो पक्षों के बीच का आपसी प्रॉपर्टी विवाद था। इस पूरी लड़ाई से उनका दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं था, लेकिन कुछ सोशल मीडिया हैंडलर्स ने जानबूझकर उनका नाम इस केस में घसीटा है। सांसद ने कहा है कि जैसे ही उन्हें इस मारपीट की सूचना मिली, वे खुद पीड़ित पक्ष से मिलने जिला अस्पताल पहुंचे थे। बाद में उनके नाम का गलत इस्तेमाल करने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ उन्होंने स्वयं पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई, जिसके बाद कानूनन आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया था।
कमलनाथ-नकुलनाथ पर हमला
बंटी विवेक साहू ने आरोप लगाया कि, पिछले दो वर्षों में मैंने छिंदवाड़ा और पांढुर्णा के सबसे सुदूर व अंचलों में जाकर जनता की समस्याओं को हल किया है। मेरी बढ़ती सक्रियता से घबराकर पूर्व सीएम कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ पर्दे के पीछे से मेरे खिलाफ लगातार झूठा माहौल बनाने की साजिशें रच रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई, तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
अब सियासत में आगे क्या?
आपको बता दें कि जमीन विवाद पुलिस और जिला प्रशासन की विधिक जांच के दायरे में है। हालांकि, जिस तरह से एक ग्रामीण विवाद को लेकर बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में छिंदवाड़ा की राजनीति में नाथ बनाम साहू की यह जंग और ज्यादा आक्रामक रूप ले सकती है।
