शैलेश नामदेव/डिंडौरी/खबर डिजिटल/ गरीब और जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क इलाज का भरोसा देने वाली आयुष्मान भारत योजना अब शाहपुरा में खुद सवालों के घेरे में आ गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) शाहपुरा में योजना के अंतर्गत दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के वितरण में कथित हेरफेर, फर्जीवाड़ा और वर्षों से चली आ रही वित्तीय अनियमितताओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग के भीतर ही असंतोष खुलकर सामने आ गया है।
चिकित्सा अधिकारी डॉ. सत्येंद्र परस्ते पर गंभीर आरोप
स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल ऑफिसर, स्टाफ नर्स, एएनएम, फार्मासिस्ट एवं अन्य कर्मचारियों ने एकजुट होकर खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. सत्येंद्र परस्ते पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपी है। कर्मचारियों का कहना है कि आयुष्मान योजना की प्रोत्साहन राशि का वितरण नियमों और दिशानिर्देशों के विपरीत किया गया, जिससे वास्तविक हकदार कर्मचारियों को उनका अधिकार नहीं मिल पाया।
पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न
शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह पूरा मामला लंबे समय से दबाया जाता रहा, लेकिन बार-बार अनदेखी के बाद कर्मचारियों को मजबूरन उच्च अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखनी पड़ी। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कथित अनियमितताओं के कारण विभाग की छवि धूमिल हो रही है और योजना की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है।
कलेक्टर, सीएमएचओ को सौंपा ज्ञापन
16 दिसंबर 2025 को कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर डिंडौरी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पांडे को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष, उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच की मांग की। साथ ही दोष सिद्ध होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की अपेक्षा जताई गई।
जांच के जरिए आएगी सच्चाई सामने
अब यह मामला केवल विभागीय विवाद नहीं रह गया है, बल्कि आयुष्मान जैसी जनकल्याणकारी योजना की विश्वसनीयता से जुड़ गया है। देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस संवेदनशील प्रकरण में कितनी गंभीरता दिखाता है और क्या जांच के जरिए सच्चाई सामने आ पाती है।


