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Friday, April 17, 2026
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नववर्ष 2026 के पहले दिन बड़वानी में धार्मिक आस्था का सैलाब… बड़ी बिजासन माता व नागलवाड़ी शिखरधाम में उमड़े हजारों श्रद्धालु

भिलट बाबा के लगाए जयकारे

बड़वानी/संदीप कुशवाह/खबर डिजिटल/ नववर्ष 2026 के पहले दिन बड़वानी जिले में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। जिले के दो प्रमुख धार्मिक स्थलों मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र बॉर्डर पर स्थित बड़ी बिजासन माता मंदिर एवं नागलवाड़ी स्थित भीलट देव शिखरधाम पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। अलसुबह से ही दोनों मंदिरों में दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लग गईं, जो देर रात तक जारी रहने की संभावना है। अनुमान है कि दिनभर में श्रद्धालुओं की संख्या हजारों से लाखों तक पहुंचेगी।

बड़ी बिजासन माता मंदिर में भव्य श्रृंगार, भक्तिमय माहौल
नववर्ष के शुभ अवसर पर प्रसिद्ध देवी धाम बड़ी बिजासन माता मंदिर में विशेष सजावट की गई। मंदिर परिसर को फूलों एवं रंग-बिरंगे गुब्बारों से आकर्षक रूप से सजाया गया। माता रानी का गुलाब, कमल एवं अन्य पुष्पों से भव्य श्रृंगार किया गया।सुबह से ही मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र सहित आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु माता के दर्शन हेतु पहुंचे। भक्तों ने माता रानी के दर्शन कर नववर्ष 2026 की मंगल शुरुआत की और सुख-समृद्धि की कामना की। शाम तक भक्तों की संख्या हजारों तक पहुंचने का अनुमान जताया गया। प्रकाश चौधरी (श्रद्धालु) ने बताया कि नववर्ष पर माता के दर्शन कर मन को शांति मिली है।वहीं सीताराम मिश्रा (पुजारी, बड़ी बिजासन माता मंदिर) ने बताया कि नववर्ष को लेकर विशेष पूजा-अर्चना और व्यवस्थाएं की गई हैं।

नागलवाड़ी शिखरधाम में गूंजे “जय भिलट देव” के जयकारे
नववर्ष पर नागलवाड़ी स्थित प्रसिद्ध धार्मिक नगरी भिलट बाबा के शिखरधाम में भी श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा भिलट देव के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मध्यप्रदेश के साथ-साथ महाराष्ट्र एवं आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचे। “जय भिलट देव” के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। सुबह से ही दर्शनार्थियों की लंबी कतारें लगी रहीं। इस अवसर पर बाबा का भव्य महाभिषेक, आकर्षक श्रृंगार, विशेष भोग एवं महाआरती का आयोजन किया गया। मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया गया, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव हुआ।मंदिर के पुजारी राजेंद्र बाबा ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दर्शन की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई थी। मंदिर के पट सुबह 5 बजे से ही खोल दिए गए थे, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्वक दर्शन कर सकें।

आस्था और विश्वास का प्रतीक बना नववर्ष उत्सव
नववर्ष 2026 पर बड़ी बिजासन माता मंदिर और नागलवाड़ी शिखरधाम में उमड़ी भारी भीड़ श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और विश्वास का प्रतीक रही। भक्तों ने नए वर्ष की शुरुआत सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और शांति की कामना के साथ की।

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