सीधी,भदौरा/ बृजेश पाण्डेय/ खबर डिजिटल/ शंकरपुर–भदौरा रेलवे स्टेशन को पूर्ण स्टेशन का दर्जा और इंटरसिटी ट्रेन के स्थायी स्टॉपेज की मांग को लेकर बुधवार को भदौरा क्षेत्र में जनआंदोलन चरम पर पहुंच गया। लंबे समय से चल रही मांगों को लेकर पहले जेल भरो आंदोलन हुआ और फिर ग्रामीणों ने रेल रोको आंदोलन शुरू कर दिया, जिससे लगभग चार घंटे तक रेल यातायात बाधित रहा।
हजारों ग्रामीण उतरे पटरियों पर
समाजसेवी आनंद सिंह (ददुआ) के नेतृत्व में हजारों की संख्या में महिला-पुरुष, युवा और बुजुर्ग रेलवे स्टेशन परिसर में एकत्र हुए। बाद में आंदोलनकारी रेलवे पटरियों पर बैठ गए और कुछ ने लेटकर विरोध दर्ज कराया, जिससे एक मालगाड़ी को रोकना पड़ा। आंदोलन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन जनाक्रोश साफ नजर आया।

यात्रियों को हो रही परेशानी बनी आंदोलन की वजह
आंदोलनकारियों ने बताया कि इंटरसिटी ट्रेन के स्टॉपेज, स्टेशन मास्टर की नियुक्ति और कोरोना काल में बंद पैसेंजर ट्रेनों की बहाली की मांग वर्षों से लंबित है। ट्रेनों के बंद रहने से आदिवासी बहुल क्षेत्र के मरीजों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को जबलपुर, रीवा जैसे शहरों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है।
एडीआरएम के आश्वासन के बाद टूटा आंदोलन
सूचना मिलते ही रेलवे और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। एडीआरएम ने आंदोलनकारियों से वार्ता कर लिखित आश्वासन दिया कि एक माह के भीतर इंटरसिटी ट्रेन के स्टॉपेज की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अन्य मांगों पर भी चरणबद्ध कार्रवाई का भरोसा दिया गया। इसके बाद आंदोलन स्थगित हुआ और रेल यातायात बहाल किया गया।

सर्वदलीय समर्थन और प्रशासन की मौजूदगी
आंदोलन को कई जनप्रतिनिधियों का समर्थन मिला। मौके पर एसडीएम कुसमी विकास कुमार आनंद सहित प्रशासनिक अधिकारी और भारी पुलिस बल तैनात रहा।


