भिंड/ राघवेंद्र सिंह/ खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश के भिण्ड सदर भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह कुछ किसानों के साथ खाद की समस्या को लेकर बुधवार को कलेक्टर से मिलने उनके बंगले पर पहुंचे। लेकिन कलेक्टर जब बाहर मिलने नहीं आये तो किसान नारेबाजी करने लगे। जिसके बाद कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव गेट पर आए और गेट बंद करने के लिए निर्देशित किया। लेकिन विधायक गेट खुलवाकर किसानों की समस्याओं को सुनने की बात कहने लगे। जिसके बाद कलेक्टर और विधायक के बीच तीखी नोंकझोंक हो गई। दोनों एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने लगे। कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने विधायक को उंगली दिखाते हुए उनसे औकात में रहने की बात कह दी। जिसके बाद विधायक भी गुस्से में आ गए और कलेक्टर को मुक्का दिखाते हुए कहा तू मुझे जानता नहीं है। कलेक्टर ने कहा कि मैं रेत चोरी नहीं चलने दूंगा। जिस पर विधायक ने कहा सबसे बड़ा चोर तू है। इस दौरान पुलिस कर्मचारी दोनों को एक दूसरे से दूर करने की कोशिश करते रहे।
कलेक्टर द्वारा विधायक से औकात में रहने की बात सुनकर किसान भी आक्रोशित हो गए। और कलेक्टर के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। जिसके बाद कलेक्टर बंगले के अंदर चले गए और विधायक किसानों की समस्याओं और कलेक्टर के रवैये को लेकर कलेक्टर बंगले के सामने ही धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई और लोग कलेक्टर के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी संजीव पाठक के साथ ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। वहीं अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और विधायक को समझने का प्रयास करने लगे। जब बात नहीं बनी तो एसपी डॉ असित यादव भी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने विधायक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। वह कलेक्टर से बंगला खाली करवाने की मांग करते हुए गेट के बाहर ही बैठे रहे। देखते ही देखते वहां टेंट लग गया और साउंड सिस्टम एवं कूलर भी आ गये। क्योंकि विधायक का कहना था कि जब तक कलेक्टर नहीं जाता तब तक वह नहीं हटेंगे।
मामले में विधायक ने कहा की वर्तमान में किस को खाद की जरूरत है लेकिन कलेक्टर द्वारा आदेश निकालकर सभी किसानों को केवल दो बोरी खाद दिया जा रहा है ऐसे में जो बड़े किसान हैं उनको खाद की ज्यादा जरूरत है। साथ ही वह कलेक्टर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते रहे और कहा कि कलेक्टर द्वारा हर विभाग पर कब्जा कर उगाही की जा रही है। उन्होंने कहा कि कलेक्टर जिले की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं और उन्हें तत्काल यहां से हटाया जाए।
धरने में शामिल किसानों का आरोप है कि जिले में खाद की भारी किल्लत है, साथ ही अन्य समस्याओं का समाधान भी नहीं हो पा रहा है। इन मुद्दों को लेकर वे लंबे समय से प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर रहे थे, लेकिन कार्रवाई न होने से आक्रोशित हैं। धरने की खबर फैलते ही प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। भारी पुलिस बल और पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर तैनात पहुंच गया। वहीं, एसपी डॉ. असित यादव लगातार विधायक से बातचीत कर धरना खत्म कराने की कोशिश करते रहे। प्रभारी मंत्री पहलाद पटेल से व सीएम हाउस पर किसी अधिकारी से चर्चा होने बाद विधायक ने धरना समाप्त किया।
सबसे बड़ा सवाल
आखिर कलेक्टर सत्तापक्ष के भिण्ड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह से उंगली दिखाकर औकात में रहना ये कह सकते है तो कौन बर्दाश्त करेगा। गुस्सेल विधायक नरेंद्र सिंह ने हाथ उठाकर भी अपनी गुस्सा शांत रखी इसकी प्रशंसा कर रहे है स्थानीय लोग।


