सिवनी/ राकेश यादव/ खबर डिजिटल/ छपारा पुलिस ने ग्राम मुंडरई के जंगल में हुई महिला की नृशंस हत्या की गुत्थी महज 24 घंटे में सुलझा ली। आरोपी मृतिका का सगा रिश्तेदार निकला, जिसने जमीन विवाद और आपसी कहासुनी के चलते यह वारदात अंजाम दी।
घटना की गंभीरता तब सामने आई जब अशोक झारिया ने पुलिस को बताया कि उनकी मां लली बाई झारिया (निवासी मुंडरई) 31 मार्च की शाम जंगल में महुआ बीनने गई थीं, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटीं। परिजन उन्हें ढूंढते हुए चुरकीवारी के जंगल पहुंचे, जहां एक सूखे सागौन के पेड़ के नीचे लली बाई का शव लहूलुहान अवस्था में मिला। उनके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान थे।
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इस नृशंस घटना को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिवनी सुनील कुमार मेहता के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। एफएसएल टीम, फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ और डॉग स्क्वायड ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान घटनास्थल से कुछ दूरी पर खून से सनी सागौन की लकड़ी बरामद हुई।
पुलिस ने परिजनों और मुखबिरों से पूछताछ की, तो संदेह की सुई मृतिका के रिश्तेदार महेश कुमार झारिया (65 वर्ष) की ओर घूमी। हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
जानकारी के अनुसार, आरोपी महेश, मृतिका का नंदोई भाई था और गांव में ‘घर जमाई’ बनकर रह रहा था। उसके और मृतिका के बीच जमीन विवाद चल रहा था। आरोपी ने अपनी पत्नी के हिस्से की ढाई एकड़ जमीन मृतिका के परिवार से ले ली थी, जिसे लेकर मृतिका अक्सर उसे अपशब्द कहती थी। घटना वाले दिन जंगल में लकड़ी बीनने को लेकर दोनों में बहस हुई। गुस्से में आकर महेश ने पास पड़ी सागौन की लकड़ी से लली बाई के सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात के समय पहने हुए खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए हैं। आरोपी को 03 अप्रैल को न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस अंधे कत्ल का 24 घंटे में खुलासा करने में निरीक्षक खेमेंद्र कुमार जैतवार, उपनिरीक्षक सुकुलाल उईके, मंजू राहंगडाले और उनकी टीम की भूमिका सराहनीय रही।
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