दमोह/ वैभव नायक/ खबर डिजिटल/ जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात एक हृदयविदारक हादसा हुआ। जिम्मेदारों की घोर लापरवाही के कारण दोस्त की शादी में जा रहे तीन युवकों की जान चली गई। झापन घाट पर पिछले 7 महीने से टूटा पड़ा पुल मौत का काल बन गया, जहां सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण बाइक सवार युवक सीधे 30 फीट नीचे जा गिरे।
शादी की खुशियां मातम में बदलीं
सागर जिले के रहली थाना अंतर्गत छिरारी गांव के तीन दोस्त—अजय घोषी (21), अमित कुर्मी (21) और पवन कुर्मी (22)—अपने मित्र अजय पाल के विवाह समारोह में शामिल होने समनापुर जा रहे थे। रास्ते में झापन के पास अंधेरे और सही संकेतकों के अभाव में वे रास्ता भटक गए और तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर व्यारमा नदी के क्षतिग्रस्त पुल से नीचे पत्थरों पर जा गिरी। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
7 महीने से खूनी बना है टूटा पुल
स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। बताया गया कि स्टेट हाईवे-15 पर स्थित यह पुल पिछले साल बारिश में बह गया था। तब से सात महीने बीत जाने के बाद भी यहां न तो कोई बैरिकेडिंग की गई और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए। रात के अंधेरे में अनजान राहगीरों के लिए यह मार्ग एक घातक जाल की तरह है।
रेस्क्यू और जांच जारी
पीछे चल रहे साथियों की सूचना पर पुलिस ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला। शनिवार सुबह पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। पूर्व मंत्री व विधायक गोपाल भार्गव ने सोशल मीडिया के माध्यम से घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। अब सवाल यह उठता है कि क्या इन मौतों के बाद प्रशासन की नींद टूटेगी?


