छिदवाडा/तौफीक मिस्कीनी/ खबर डिजिटल/ छिंदवाड़ा में जिला अस्पताल अपनी लापरवाही के चलते हमेशा सुर्खियों में बना रहता है। यहां पहुंचने वाले मरीज को समय में उपचार नहीं मिलता ऐसे ही एक मामला रविवार को सामने आया है। जहां समय में इलाज नहीं मिलने से महिला की मौत हो गई। जिसके बाद अस्पताल के सामने परिजनों ने शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के चलते महिला की जान गई है।
घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और परिवार के लोगों को समझाइए देने का प्रयास किया लेकिन परिजन डॉक्टर पर कार्रवाई करने की बात पर ही अड़े हैं। पीड़ित परिवार ने खबर डिजिटल से चर्चा करते हुए बताया कि रजोला गांव में रहने वाली दुर्गा चंद्रवंशी को उल्टी दस्त ग्रसित होने पर जिला अस्पताल लेकर आया गया था जहां डॉक्टरों की लापरवाही के चलते महिला को उपचार नहीं मिला जिसके कारण मौत हुई है।
विगत कुछ दिन पूर्व रजोला गांव में उल्टी दस्त से ग्रसित था पूरा गांव
बीते कुछ दिन पहले ही छिंदवाड़ा जिले के रजोला गांव में दूषित पानी पीने से गांव के ढाई सौ से ज्यादा लोग को उल्टी दस्त से बीमार लोगों का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में ही स्थाई अस्पताल बनाकर उपचार किया था और गांव में घर-घर पहुंच कर स्वास्थ्य विभाग की टीम में सर्वे कर दवाई का वितरण किया था लगातार तीन दिनों तक स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में ही रहकर बीमार हुए लोगों का उपचार किया जा रहा था लेकिन शनिवार को फिर एक महिला उल्टी दस्त की से ग्रसित होने पर परिजनों ने गांव के डॉक्टर को दिखाई जहां उसका उपचार चला रहा इसके बाद परिजनों ने शाम के समय महिला को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उपचार चल रहा था लेकिन सुबह महिला की मौत हो गई।

एसडीएम और प्रशासन एक अधिकारी मौके पर पहुंचे
महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के सामने शव रखकर हंगामा शुरू कर दिया घटना की जानकारी मिलते ही छिंदवाड़ा एसडीएम और पुलिस विभाग के मौके पर पहुंचे और परिजनों को हर संभव कार्रवाई का आश्वासन दिलाया लेकिन परिजन मानने को तैयार नहीं है परिजनों का कहना है की लापरवाही करने वाले डॉक्टर पर कार्रवाई की जाए उसके बाद ही शव को हम घर ले जाएंगे हालांकि प्रशासन परिजनों को मनाने में लगा हुआ है और जांच और कार्रवाई का आश्वासन दे रहा है लेकिन परिजन करने को तैयार नहीं है
उल्टी दस्त से ग्रसित महिला की मौत के बाद गांव में हड़कंप मच गया
वैसे ही तो रजोल गांव में उल्टी दस्त की फैली हुई थी जिसके बाद दो से 250 लोगो का बीमार हो गए थे धीरे-धीरे गांव के हालात ठीक थे लेकिन अब महिला की मौत के बाद गांव में हड़कंप बच गया हैं सूत्रों की माने तो गांव के हालात पहले से बेहतर है लेकिन अभी गांव में उल्टी दस्त की बीमारी से लोग ग्रसित हैं लोगो का कहना कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में सर्वे करना चाहिए ताकि लोगो की जानकारी का मिल सके हैं और लोगों को बेहतर उपचार मिल सके।



