डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ डिंडोरी जिले के समनापुर विकासखंड की प्राथमिक शाला शिकारीटोला भालापुरी में आखिरकार बच्चों की पढ़ाई को सुरक्षित छत मिल गई है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत संचालित इस शाला को लेकर खबर डिजिटल ने भी प्रमुखता से प्रकाशित किये जाने के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की है। अब शाला का संचालन गणेशा सिंह के निजी भवन में निःशुल्क किया जा रहा है।
शिकारीटोला भालापुरी की प्राथमिक शाला का पुराना भवन काफी समय से जर्जर हालत में था और बच्चों के लिए असुरक्षित घोषित कर दिया गया था। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की अनुमति से करीब एक वर्ष पहले इस भवन को गिरा दिया गया। भवन गिराए जाने के बाद प्रशासन ने शाला को नजदीकी हाईस्कूल भवन में शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। लेकिन हाईस्कूल की दूरी अधिक होने के कारण ग्रामवासियों ने इस पर सहमति नहीं दी। छोटे बच्चों का रोज इतनी दूर आना-जाना मुश्किल था।
हाईस्कूल में शिफ्ट न होने के कारण शाला को पहले एक निजी मकान में संचालित किया गया। बाद में जगह की कमी के चलते ग्रामवासियों ने अस्थायी छप्पर बनाकर कक्षाएं शुरू कर दीं। तेज धूप, बारिश और आंधी में छप्पर के नीचे पढ़ाई करना बच्चों और शिक्षकों दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण था।
खबर प्रकाशित होने के बाद कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने मामले को गंभीरता से लिया। उनके निर्देशन में 9 अप्रैल 2026 को ग्राम शिकारीटोला भालापुरी में ग्रामवासियों एवं शाला प्रबंधन समिति की बैठक बुलाई गई। बैठक में सभी पहलुओं पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक नया भवन नहीं बन जाता, तब तक शाला का संचालन श्री गणेशा सिंह के निजी भवन में किया जाएगा। उन्होंने भवन को निःशुल्क उपलब्ध कराने की सहमति दी।
बैठक में लिए गए निर्णय के तुरंत बाद 9 अप्रैल 2026 से ही प्राथमिक शाला शिकारीटोला भालापुरी की कक्षाएं नए स्थान पर प्रारंभ कर दी गईं। अब बच्चों को छप्पर के नीचे बैठकर पढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की शिक्षा किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो, यह प्राथमिकता है।
नए शाला भवन के निर्माण के लिए प्रस्ताव पहले ही राज्य स्तर पर भेजा जा चुका है, लेकिन अभी तक स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है। जिला प्रशासन ने बताया कि नए भवन की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव दोबारा भेजा जा रहा है और लगातार फॉलोअप किया जाएगा। फिलहाल अस्थायी लेकिन सुरक्षित व्यवस्था के तहत बच्चों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी है। ग्रामवासियों ने भी प्रशासन के इस त्वरित निर्णय और श्री गणेशा सिंह के सहयोग की सराहना की है।


