Commercial Gas Crisis: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में रसोई गैस के बाद अब कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की किल्लत गंभीर रूप लेती जा रही है। इस संकट का सबसे ज्यादा असर होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय पर पड़ रहा है। गैस संकट के चलते कई प्रतिष्ठान बंद हो चुके हैं और कई बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
सप्लाई प्रभावित, एजेंसियों पर भीड़
जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके चलते गैस एजेंसियों पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है। घरेलू गैस सिलेंडर की कमी से आम उपभोक्ता परेशान हैं, वहीं कमर्शियल सिलेंडर की कमी के चलते व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा गई है।
क्या कहते है एजेंसी संचालक?
गैस एजेंसी संचालक हरगोविंद गांधी के अनुसार, घरेलू गैस सीमित मात्रा में उपलब्ध हो रही है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई लगभग ठप है। उन्होंने बताया कि केवाईसी, तय समय सीमा और सिलेंडर उपयोग की शर्तों को लेकर भी उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
होटल कारोबार पर असर
होटल एवं रेस्टोरेंट यूनियन के अध्यक्ष भगवत अग्रवाल ने बताया कि गैस की कमी के चलते कई संचालकों को कोयले का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे लागत बढ़ रही है और कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। धुएं के कारण कर्मचारियों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो रही हैं, वहीं कई होटल संचालकों को अपने मेन्यू में कटौती करनी पड़ी है। तंदूरी रोटी, चाउमीन जैसे व्यंजन कई जगह बंद कर दिए गए हैं।
सरकार से समाधान की मांग
व्यापारियों ने सरकार से जल्द इस समस्या का समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो इससे न केवल कारोबार बल्कि इससे जुड़े कर्मचारियों की आजीविका पर भी गंभीर असर पड़ेगा।


