इंदौर/नरेंद्र महावर/खबर डिजिटल/ कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी पर लव जिहाद के लिए फंडिंग करने का आरोप है, फिलहाल वो जेल में बंद है। इसी बीच इंदौर नगर निगम के परिषद सम्मेलन उसे एक और झटका लगा। जब कई अहम मुद्दों को बैठक में रखा गया, जिसमें सबसे अहम रहा कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी की पार्षदी समाप्त करने का मुद्दा। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सदन में अनवर कादरी की पार्षदी खत्म करने का प्रस्ताव रखा। इस दौरान सदन के सभी भाजपा पार्षदों ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया और इसका समर्थन भी किया। जिसके बाद सभापति मुन्नालाल यादव ने एक तिहाई बहुमत के आधार पर इस प्रस्ताव को पारित कर दिया और अनवर कादरी को बर्खास्त कर दिया।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दी जानकारी
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सदन में जानकारी दी कि अनवर कादरी अपराधी प्रवृत्ति का है, और हाल ही के दिनों में उसके खिलाफ जव जिहाद के प्रकरण में फंडिंग का भी आरोप लगा है। ऐसे में उनका पार्षद रहना शहर के हित में नहीं है। उसके पार्षद रहने से देश के सबसे साफ़ शहर की प्रतिष्ठा धूमिल हो रही है। ऐसे में उन्हें पद से हटाया जाए, जिसके बाद सभापति ने तुरंत ही इस प्रस्ताव पर सहमति दे दी।
कांग्रेस के पार्षदों ने जताया विरोध
कांग्रेस के पार्षदों ने इस फैसले को लेकर विरोध दर्ज जाहिर किया, और सम्मेलन से वॉक आउट कर दिया। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे का आरोप है कि सदन में उनकी बात को सुना नहीं जा रहा है और ना ही कोई जवाब दिया गया, इसीलिये उन्होंने सम्मेलन का बहिष्कार करने का निर्णय लिया और धरना दे दिया। फिलहाल सम्मेलन के माध्यम से अनवर कादरी की पार्षदी समाप्ति के लिए प्रस्ताव पास हो चुका है। ऐसे में अब इस मुद्दे पर राजनीति गरमाने की संभावना है।


