दमोह/ वैभव नायक/ खबर डिजिटल/ कलेक्ट्रेट कार्यालय बुधवार को उस समय रणक्षेत्र बन गया जब एक युवक की आत्महत्या के मामले में न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। प्रदर्शन के दौरान अराजकता इस कदर बढ़ी कि प्रदर्शनकारियों ने कवरेज कर रहे मीडियाकर्मियों के साथ न केवल बदसलूकी की, बल्कि उन पर पत्थरबाजी और मारपीट भी शुरू कर दी।
आत्महत्या से उपजा आक्रोश
विवाद की जड़ जून 2025 का वह वायरल वीडियो है, जिसमें रनेह थाना क्षेत्र की एक नर्स युवक महेंद्र सिंह लोधी को चप्पलों से पीट रही थी। पुलिस ने दोनों पक्षों पर मामला दर्ज किया था, लेकिन महेंद्र का आरोप था कि उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। इसी मानसिक तनाव के चलते दो दिन पूर्व महेंद्र ने पन्ना जिले के सिमरिया में आत्महत्या कर ली। मौत के बाद परिजनों और समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा।

बैरिकेड्स तोड़ कलेक्ट्रेट में घुसी भीड़
मृतक की अस्थियां लेकर निकले प्रदर्शनकारी बुधवार को दमोह पहुंचे। कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित भीड़ धक्का-मुक्की करते हुए अंदर घुस गई। प्रशासन से हुई वार्ता विफल होने के बाद प्रदर्शनकारी परिसर में ही धरने पर बैठ गए।
मीडिया पर हमला और पुलिस की कार्रवाई
धरने के दौरान कुछ उपद्रवियों ने वहां मौजूद पत्रकारों को निशाना बनाया। विरोध करने पर प्रदर्शनकारियों ने हमला बोल दिया और पथराव शुरू कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने स्थिति बिगड़ती देख बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। इस घटना से आक्रोशित पत्रकार भी कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठ गए। देर शाम कलेक्टर सुधीर कोचर और एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी के हस्तक्षेप के बाद कोतवाली पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।


