Tuesday, November 3, 2026
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गांगपुर में ‘सुविधा विहीन’ हुआ ‘सरकारी सुकून’: करोड़ों की लागत से बने डॉक्टर-नर्स क्वार्टर खंडहर बनने की कगार पर

डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ डिंडोरी, ​विकास के दावे और जमीनी हकीकत के बीच कितना फासला होता है, इसका जीता-जागता नमूना जिला मुख्यालय के नजदीक स्थित गांगपुर का डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ आवासीय परिसर है। जिस परिसर को स्वास्थ्यकर्मियों को राहत और सुरक्षा देने के लिए तैयार किया गया था, वह आज विभागीय अनदेखी के चलते खुद ‘बीमार’ होकर बदहाली के आंसू बहा रहा है। करीब तीन साल पहले करोड़ों रुपये की लागत से बना यह आलीशान परिसर सुविधाओं के अभाव में अब खंडहर बनने की राह पर अग्रसर है।

​बिजली-पानी का संकट, रोजमर्रा के काम ठप

आवासीय परिसर में रह रहे स्वास्थ्यकर्मियों के सामने बुनियादी जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। यहाँ पानी और बिजली की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। लगातार एक-दो दिनों तक बिजली गायब रहना आम बात हो गई है, जिससे कर्मचारियों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित होती है। नियमित पेयजल की व्यवस्था न होने के कारण यहाँ रहने वाले डॉक्टरों और नर्सों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए दूसरे जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

​न सड़क मिली, न बाउंड्रीवॉल: सुरक्षा पर भी उठे सवाल

सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा दिए गए, लेकिन परिसर तक पहुँचने के लिए एक अदद बेहतर सड़क तक नहीं बनाई गई। इसके अलावा, चारों तरफ बाउंड्रीवॉल न होने के कारण सुरक्षा का गंभीर खतरा बना हुआ है। सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं के इसी अभाव के चलते कई डॉक्टर और स्टाफ नर्स कुछ ही समय रहने के बाद आवास खाली करके चले जाते हैं। यही वजह है कि कई मकान लंबे समय से वीरान पड़े हैं।

​देखरेख बिना सरकारी पैसे की बर्बादी

नियमित रख-रखाव न होने के कारण खाली पड़े भवनों की स्थिति धीरे-धीरे खराब हो रही है। दीवारों में सीलन, टूट-फूट और अवांछित तत्वों का भंडाफोड़ जमावड़ा शुरू हो चुका है। यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में इन भवनों की मरम्मत पर सरकार को अतिरिक्त बजट फूंकना पड़ेगा। करोड़ों की लागत से तैयार इस परिसर का वास्तविक उद्देश्य ही खत्म होता नजर आ रहा है।

​अधिकारियों के निरीक्षण और व्यवस्था सुधार की मांग

गांगपुर परिसर की इस बदहाली से तंग आकर स्थानीय लोगों और स्वास्थ्यकर्मियों ने स्वास्थ्य विभाग व संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है। कर्मचारियों की मांग है कि अधिकारी मौके का निरीक्षण करें, परिसर में पानी और बिजली की नियमित सप्लाई बहाल की जाए और पहुँच मार्ग के साथ बाउंड्रीवॉल का जल्द से जल्द निर्माण कराया जाए, ताकि यह सरकारी संपत्ति पूरी तरह बर्बाद होने से बच सके।

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