डिंडौरी/शैलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ बच्चों के पोषण एवं सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं पर जिला पंचायत डिंडौरी ने एक बार फिर अपनी सख़्ती दिखाई है। प्राथमिक शाला झुरकीटोला, विकासखंड डिंडौरी में मध्यान्ह भोजन वितरण में गंभीर लापरवाही सामने आने पर जिला प्रशासन ने तुरंत उच्चस्तरीय कार्रवाई करते हुए दीप स्व-सहायता समूह का अनुबंध तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।
जांच में सामने आई बड़ी गड़बड़ी
जनपद शिक्षा केंद्र व सर्व शिक्षा अभियान द्वारा गठित जांच दल ने 20 अगस्त 2025 को विद्यालय में निरीक्षण किया। तथ्यात्मक जांच में यह खुलासा हुआ कि 14 बच्चों को उस दिन मध्यान्ह भोजन उपलब्ध ही नहीं कराया गया, जिससे विद्यालय प्रबंधन और भोजन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। जांच के दौरान संस्था प्रमुख ने बताया कि दीप स्व-सहायता समूह को बार-बार निर्देश देने के बावजूद समूह द्वारा भोजन वितरण में लगातार लापरवाही बरती जा रही थी।
रसोइयों और समूह को जारी हुआ नोटिस
इस मामले में जिला पंचायत ने 15 सितंबर 2025 को समूह के अध्यक्ष/सचिव तथा कार्यरत रसोइयों — द्रोपती राठौर और ममता बनवासी — को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर जवाब तलब किया था।लेकिन प्रस्तुत जवाब असंतोषजनक पाया गया, जिसके बाद प्रशासन ने निर्णायक कदम उठाया।
अनुबंध रद्द, नई जिम्मेदारी सौंपी गई
अनुबंध शर्तों का उल्लंघन प्रमाणित होने पर दीप स्व-सहायता समूह का अनुबंध समाप्त कर दिया गया।
विकासखंड स्रोत समन्वयक, डिंडौरी के निर्देशानुसार निशा स्व-सहायता समूह को प्राथमिक शाला झुरकीटोला में पीएम पोषण कार्यक्रम के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रसोइयों की सेवा भी समाप्त, नई नियुक्ति
लापरवाही सिद्ध होने पर रसोइयों द्रोपती राठौर और ममता बनवासी का रसोईया चिन्हांकन निरस्त कर दिया गया है। इनके स्थान पर मनोरमा रजक और लोकमाया बर्मन को नए रसोइयों के रूप में नियुक्त किया गया है।
भविष्य में और कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
जिला पंचायत डिंडौरी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि “बच्चों के पोषण और सुरक्षा पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में ऐसे मामलों पर और कठोर कार्रवाई की जाएगी।”


