Tuesday, November 3, 2026
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प्रधानमंत्री आवास के नाम पर वसूली कर रहे थे रोजगार सहायक, शिकायत पर हो गए निलंबित…

डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ डिंडौरी, जनपद पंचायत डिंडोरी की ग्राम पंचायत सारसताल में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। गरीब हितग्राहियों से आवास बनाने के नाम पर लाखों रुपये वसूलने वाले ग्राम रोजगार सहायक उमेद सिंह उद्दे की सेवा समाप्त कर दी गई है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत डिंडोरी ने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज करने के भी आदेश दिए हैं।

पीएम आवास योजना में हितग्राही को खुद ही मकान बनवाना होता है और किस्त सीधे उनके खाते में आती है। लेकिन ग्राम रोजगार सहायक उमेद सिंह उद्दे ने हितग्राहियों से झूठ बोल कर अपने झांसे में फंसाकर उसने कहा कि वह खुद ही निर्माण सामग्री दिलवाएगा और पक्का मकान बनवाकर देगा। इसी बहाने उसने हितग्राहियों के खाते से पैसे निकलवाकर अपने पास रख लिए।

khabardigital.com की खबर का असर

पूरी पैसे लेने के बाद भी कई मकान अधूरे बनाकर छोड़ दिए गए। कुछ जगह तो मकान बना ही नहीं, लेकिन सरकारी पोर्टल पर उसे ‘पूर्ण’ दिखा दिया गया। “खबर डिजिटल” ने इस समाचार को 05/04 2026 को प्रमुखता से उठाया था।और ये खबर आने के बाद प्रशासन ने कारवाई करते हुए जनपद स्तर की जांच टीम गठित की।

जांच टीम ने मौके का निरीक्षण किया और हितग्राहियों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान ये बाते सामने आई कि हितग्राही धनीराम पिता बन्नू: इनके आवास के लिए चारों किस्त यानी कुल 1 लाख 30 हजार रुपये जारी हो चुके हैं। पोर्टल पर मकान पूर्ण दिख रहा है। हितग्राही ने बताया कि रोजगार सहायक ने उनसे 90 हजार रुपये ले लिए, फिर भी मकान अधूरा पड़ा है। हितग्राही ओझे बाई पति दुख्खी: इनके नाम पर भी चारों किस्त जारी हो गई और पोर्टल पर आवास पूर्ण दर्ज है। लेकिन मौके पर आवास का नामोनिशान नहीं मिला।

रोजगार सहायक ने बैंक से पूरी रकम निकलवा ली

ओझे बाई आज भी झोपड़ी में रह रही हैं। उन्होंने बताया कि रोजगार सहायक ने बैंक से पूरी रकम निकलवा ली और उन्हें केवल 4 हजार रुपये दिए। ओझे बाई को यह भी नहीं पता कि पैसा किस काम के लिए आया था। हितग्राही सरला बाई पति माखन लाल इनके खाते से भी ज्यादा प्यार रोजगार सहायक ने पैसे निकलवाए और सामग्री दिलाने का भरोसा दिया। लेकिन आज तक न सामग्री मिली और न ही मकान का काम शुरू हो पाया। हितग्राही देवीदीन पिता वसोरी इनके आवास की तीन किस्त जारी हो चुकी हैं।

हितग्राही ने बताया कि पैसा पहले देवी सिंह उद्दे के खाते में था। जीआरएस नकद लाकर देता था। अभी भी 30 हजार रुपये बाकी हैं। हितग्राही जनिया बाई पति सहबू सिंह इनका मकान छत स्तर तक बना है और तीन किस्त जारी हो चुकी हैं। खास बात यह है कि इनके पति के नाम पर पहले से आवास स्वीकृत था। पति की मृत्यु के बाद जनिया बाई के नाम से फिर आवास स्वीकृत हुआ। लेकिन आज तक मकान पूरा नहीं हुआ। जिस मकान में वह रह रही हैं, वह रहने लायक भी नहीं है।

प्रशासन ने की कड़ी कार्रवाई

प्रशासन ने अपने आदेश में कहा गया है कि रोजगार सहायक उमेद सिंह उद्दे ने अपने पद का दुरुपयोग किया और वित्तीय अनियमितता की। इसे गंभीर कदाचार मानते हुए मप्र ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत पदस्थ संविदा अधिकारी कर्मचारी की नवीन सेवा शर्त निर्देश 2025 के अनुसार उनकी संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाती है। इसके साथ ही मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत डिंडोरी को आदेश दिया गया है कि वह उमेद सिंह उद्दे, ग्राम रोजगार सहायक, ग्राम पंचायत सारसताल के खिलाफ तत्काल पुलिस में एफआईआर दर्ज कराएं।

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