डिंडौरी/शैलेश नामदेव/खबर डिजिटल/ मामला डिंडौरी जिले के शाहपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है। जहां एक निजी संस्थान सुखसागर मेडिकल अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज जबलपुर द्वारा निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन हेतु नेत्र शिविर का आयोजन 13/01/26 को किया गया। मुख्य बात यह है कि इसकी अनुमति किसी भी जिम्मेदार विभाग से नहीं ली गई। इस अनाधिकृत शिविर की सूचना मिलते ही एसडीएम शाहपुरा ऐश्वर्य वर्मा और पुलिस टीम ने दबिश दी, तो इसकी प्रारंभिक पूछताछ में कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर शिविर के आयोजन से जुड़े दो लोगों को हिरासत में लेकर थाने में पूछताछ के लिए ले जाया गया।
शिविर की नहीं थी अनुमति
शिविर के आयोजन की अधिकृत जानकारी बीएमओ को नहीं होने के कारण उक्त कार्रवाई की गई। सबसे खास बात यह है कि शिविर के आयोजन के पंपलेट, और बैनरों पर स्थानीय सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते एवं स्थानीय विधायक ओमप्रकाश धुर्वे सहित भाजपा जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम की फोटो भी लगी है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है की जनप्रतिनिधियों की फोटो उनकी अनुमति से लगी है, या उनकी अनुमति के बगैर ही फोटो लगाई गई है।
कुछ दिन पहले ही पलटी है मरीजों से भरी बस
कुछ दिन पहले ही शाहपुरा क्षेत्र के राछो गांव के पास एक बस मरीजों से भरी हुई पलटी थी, जिसमें क्षेत्र के मरीजों को भरकर सुखसागर हॉस्पिटल व मेडिकल कॉलेज जबलपुर ले जाने की जानकारी प्रकाश में आई थी। जानकारी के अनुसार शाहपुरा क्षेत्र में निजी अस्पतालों के दलाल सक्रिय है। जिनके द्वारा मरीजों से आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड व समग्र आईडी लेकर उन्हें जबलपुर हॉस्पिटल ले जाया जाता है। बैनर में स्पष्ट तौर से मरीजों को उनके साथ आयुष्मान कार्ड एवं आधार कार्ड साथ में लाने के लिए लिखा गया है। जबकि अधिकतर नेत्र शिविर चाहे वह किसी भी सामाजिक संस्था के हो या शासकीय नेत्र शिविर मुफ्त में ही लगाए जाते हैं। देखना यह है कि इस स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम आयुष्मान भारत योजना में क्या कार्रवाई होती है। उक्त कार्रवाई में प्रशासन द्वारा जांच कराई जाना आवश्यक है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र की भोली-भाली जनता इन फर्जीवाड़े से बच सके।


