Ratlam Collector : मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। जिला पंचायत अध्यक्ष लालबाई चंद्रवंशी को कलेक्टर मीशा सिंह से मुलाकात के लिए पूरे दिन इंतजार करना पड़ा। मुलाकात न होने से नाराज अध्यक्ष ने कलेक्टर कार्यालय में ही धरने पर बैठकर विरोध जताया।
कलेक्टर से मिलने पहुंची थी लालबाई
जानकारी के मुताबिक, लालबाई चंद्रवंशी अपने कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर कलेक्टर से मिलने पहुंची थीं, लेकिन उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। आरोप है कि जब कलेक्टर कार्यालय से बाहर निकलीं, तब भी उन्होंने अध्यक्ष से मुलाकात नहीं की और बिना चर्चा किए ही चली गईं। इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए कार्यालय परिसर में धरना शुरू कर दिया।
राज्य मंत्री हैं लालबाई!
इस पूरे मामले के बाद प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। बता दें कि मध्यप्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्ष का दर्जा राज्य मंत्री के समकक्ष माना जाता है, ऐसे में इस तरह की स्थिति को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
क्या बोली कलेक्टर?
वहीं, कलेक्टर मीशा सिंह ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा कि सोमवार को समय-सीमा से जुड़े कार्यों की समीक्षा बैठक सहित कई अहम बैठकें लगातार चल रही थीं, जिसके चलते व्यस्तता अधिक थी और मुलाकात संभव नहीं हो सकी।
क्या हटेंगी रतलाम कलेक्टर?
आपको बता दें कि मामला ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में सीधी जिले में भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव के चलते कार्रवाई की गई थी। रतलाम की इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की कमी के तौर पर देखा गया। मामला समाने आने के बाद अब कयासों का दौर शुरू हो गया है कि क्या सीएम मोहन सीधी के बाद रतलाम कलेक्टर को हटाएंगे? यह देखा बाकी है।


