ग्वालियर से भिंड होते हुए इटावा जाने वाले प्रमुख मार्ग को फोरलेन में बदलने की तैयारी आगे बढ़ रही है. करीब 1826 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत लगभग 116 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण प्रस्तावित है. परियोजना में सड़क निर्माण के साथ भू-अर्जन समेत कई जरूरी प्रक्रियाएं भी शामिल हैं.
इस सड़क के फोरलेन बनने के बाद ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की उत्तर प्रदेश से कनेक्टिविटी और बेहतर होने की उम्मीद है. इससे यात्रियों के साथ कारोबार और माल परिवहन से जुड़े लोगों को भी फायदा मिल सकता है.
NHAI ने शुरू की टेंडर प्रक्रिया
परियोजना को लेकर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी NHAI की ओर से टेंडर प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है. कंपनियों के लिए टेंडर जमा करने की अंतिम तारीख 7 सितंबर तय की गई थी, जबकि निविदाएं 8 सितंबर को खोली जानी थीं. हालांकि अब इस तारीख में बदलाव किया गया है.
नए संशोधन के मुताबिक टेंडर खोलने की तारीख बढ़ाकर 13 अक्टूबर कर दी गई है. इसके चलते परियोजना से जुड़ी अगली प्रक्रिया भी इसी के बाद आगे बढ़ेगी.
DPR और तकनीकी प्रस्ताव दिल्ली भेजे गए
NHAI की ग्वालियर स्थित प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन यूनिट यानी PIU की ओर से डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट यानी DPR और अन्य तकनीकी प्रस्ताव दिल्ली स्थित मुख्यालय भेजे जा चुके हैं. अब मुख्यालय स्तर पर परियोजना से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जांच के साथ संबंधित मंत्रालयों के साथ बैठक कर आगे की स्वीकृति प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
इसके बाद निर्माण शुरू करने के लिए अंतिम मंजूरी कैबिनेट से मिलनी होगी. कैबिनेट की स्वीकृति के बाद ही जमीन पर निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा. मौजूदा प्रक्रिया को देखते हुए इस परियोजना का निर्माण वर्ष 2027 में शुरू होने की संभावना जताई जा रही है.
मई से चल रही है टेंडर प्रक्रिया
इस प्रोजेक्ट के लिए NHAI ने 18 मई को टेंडर जारी किया था. उस समय निविदा खोलने की तारीख 7 जुलाई रखी गई थी. बाद में कंपनियों को टेंडर जमा करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया.
इसके बाद 1 जुलाई को संशोधन कर टेंडर खोलने की तारीख 7 अगस्त की गई. फिर 27 जुलाई को एक और बदलाव करते हुए तारीख 8 सितंबर तय की गई. अब 7 सितंबर को जारी संशोधन के बाद निविदा खोलने की तारीख 13 अक्टूबर कर दी गई है.
UP से कनेक्टिविटी और व्यापार को मिलेगा फायदा
ग्वालियर-भिंड-इटावा मार्ग कई कस्बों और महत्वपूर्ण इलाकों को आपस में जोड़ता है. मौजूदा सड़क पर बढ़ते यातायात को देखते हुए इसे फोरलेन करने की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है.
सड़क चौड़ी होने के बाद वाहनों की आवाजाही के लिए ज्यादा जगह मिलेगी. इससे निजी वाहनों के अलावा मालवाहक वाहनों को भी बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है. ग्वालियर-चंबल और उत्तर प्रदेश के बीच सफर आसान होने के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है. वहीं सड़क की क्षमता बढ़ने से यातायात व्यवस्था बेहतर होने और हादसों में कमी आने की भी उम्मीद है.
