चंदेरी/ खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश ग्रामीण पर्यटन योजना के तहत चंदेरी के ग्राम विक्रमपुर स्थित ‘द स्टोन विलेज’ होम स्टे Chanderi Stone Village Homestay में नीदरलैंड से आए 12 सदस्यीय पर्यटक दल का आगमन हुआ। यह पूरा दल हॉलैंड (एम्स्टर्डम) से अपनी सात आधुनिक गाड़ियों के साथ रवाना हुआ था। उन्होंने अब तक नीदरलैंड, जर्मनी, ऑस्ट्रिया, रोमानिया, बुल्गारिया, तुर्की, जॉर्जिया, अज़रबैजान, ईरान, तुर्कमेनिस्तान, किर्गिज़िया, रूस, चीन और तिब्बत सहित 18 देशों की यात्रा की है। नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश करने के बाद यह समूह अब देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारत भ्रमण के उपरांत यह दल मुंबई से समुद्री मार्ग द्वारा ओमान जाएगा और वहाँ से स्वयं की गाड़ियों से सड़क मार्ग होते हुए संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, जॉर्डन और सीरिया के रास्ते वापस नीदरलैंड पहुँचेगा।
भारत में यात्रा के दौरान पर्यटक समूह ने खजुराहो से चंदेरी के विक्रमपुर ग्राम पहुँचकर यहाँ बने ‘द स्टोन विलेज’ होम स्टे में विश्राम किया। आगमन पर ग्राम समिति, स्थानीय निवासियों और प्रबंधन टीम ने सभी अतिथियों का फूल-मालाओं और तिलक के साथ पारंपरिक स्वागत किया।

समूह की लीडर सुज़ैन ने बताया कि उनकी सभी गाड़ियाँ आधुनिक तकनीक से सुसज्जित हैं — जिनमें टेंट, जीपीएस और रात में रुकने की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। यह भी विशेष है कि इस पूरे दल में महिला चालक शामिल हैं, जो इस साहसिक यात्रा में टोयोटा वाहनों का संचालन कर रही हैं।
विक्रमपुर में पर्यटकों ने स्थानीय भोजन का स्वाद लिया और ग्रामीणों से मिलकर आत्मीय अनुभव साझा किए। पर्यटकों को एमपीटी के अधिकृत गाइड मुजफ्फर अंसारी (कल्ले भाई) द्वारा चंदेरी की ऐतिहासिक धरोहरों और बुनकर बस्तियों का भ्रमण कराया गया। उन्होंने बुनकरों से सात सौ वर्षों पुरानी बुनाई कला के बारे में जानकारी प्राप्त की और हैंडलूम उत्पादों की खरीदारी भी की।
गौरतलब है कि यह पहली बार था जब ग्राम विक्रमपुर में विदेशी पर्यटक ठहरे। चंदेरी के विक्रमपुर, नानौन और प्राणपुर ग्रामों में मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की ग्रामीण पर्यटन योजना के तहत परियोजना संस्थाओं की सहायता से होम स्टे का निर्माण किया जा रहा है। वर्तमान में चंदेरी क्षेत्र में 6 होम स्टे बनकर तैयार हैं, जिनमें पर्यटक ठहरना पसंद कर रहे हैं और भारतीय ग्रामीण संस्कृति को नज़दीक से अनुभव कर रहे हैं।



