भोपाल/खबर डिजिटल: देश के स्वच्छ शहर इंदौर में ज़हरीले पानी से अब 17वीं मौत हो गयी। भागीरथपुरा के रिटायर्ड पुलिसकर्मी ओमप्रकाश शर्मा ने दम तोड़ा दिया। बताया जा रहा है कि दूषित पानी किडनी फेलियर हुआ। अभी भी 7 गंभीर रोगी आईसीयू में भर्ती है। घटना को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस लगातार मोहन सरकार पर हमलावर है।
कांग्रेस ने मीडिया को दी जानकारी
इंदौर कांग्रेस कमेटी कार्यालय गांधी भवन में इंदौर शहर में दूषित पेयजल से हुई 16 मौतों और हजारों नागरिकों के बीमार होने की घटना को लेकर कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक आयोजित की गई तथा प्रेस के साथियों से संवाद किया गया।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी जी ने कहा कि “इंदौर शहर की स्वच्छता में जो वैश्विक पहचान बनी है, वह इंदौर की जागरूक जनता की देन है। इंदौर की जनता ने भाजपा को सांसद दिए, 9 में 9 विधायक दिए, महापौर दिया, दो मंत्री दिए—लेकिन बदले में भाजपा ने इंदौर को क्या दिया? ज़हरीला पानी और 16 निर्दोष नागरिकों की मौत।”
पटवारी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि दुनिया में पहली बार इंदौर शहर ज़हरीला पानी पीने से मौतों के कारण बदनाम हुआ है। यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही और प्रशासनिक अपराध का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि घटना के पहले ही दिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। पीड़ितों ने एक स्वर में कहा कि वे पिछले आठ महीनों से पार्षद और विधायक से शिकायत कर रहे थे, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो आज 16 परिवार उजड़ने से बच जाते।
पटवारी ने कहा कि जब पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा जी के नेतृत्व में कांग्रेस की जांच समिति पीड़ितों से मिलने पहुँची, तो भाजपा सरकार के संरक्षण में गुंडागर्दी कर रोका गया, जो यह दर्शाता है कि सरकार का अहंकार किस हद तक बढ़ चुका है।
उन्होंने पूर्व की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा, अस्पताल में आग से बच्चों की मौत अग्रवाल नगर की बावड़ी में 36 मौतें
दो नवजात बच्चों को चूहों द्वारा कुतरने की घटनाऔर अब ज़हरीले पानी से 16 मौतें इन सभी मामलों में भाजपा सरकार ने न तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की, न किसी मंत्री ने नैतिक जिम्मेदारी ली।
पटवारी ने कहा कि “यह गैर-इरादतन हत्या का मामला है। प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जी को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए,
दोषी अधिकारियों पर FIR दर्ज होनी चाहिए,और यदि मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी ने 11 जनवरी तक कार्रवाई नहीं की, तो पूरी मध्य प्रदेश कांग्रेस 11 जनवरी को इंदौर में विशाल धरना-प्रदर्शन करेगी।”
उन्होंने घोषणा की कि 11 जनवरी को बड़े गणपति से माँ अहिल्या के चरणों तक कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में जनआंदोलन किया जाएगा और इंदौर की जनता से इसमें सहभागी बनने का आह्वान किया।
कांग्रेस जीतू पटवारी ने कह कि “यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है। यह हर घर के पानी, हर परिवार की ज़िंदगी का सवाल है।जब नगर निगम टैक्स वसूलती है, संपत्ति कर लेती है और बदले में पानी में ज़हर देती है,तो जनता को सड़क पर उतरना ही पड़ेगा। कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज़ बनकर इस लड़ाई को अंत तक लड़ेगी।”


