कटनी/दीपक गुप्ता/खबर डिजिटल/ कटनी रेलवे के ग्रेड सेपरेटर निर्माण कार्य में लगी इरकान और एलएंडटी कंपनियों की लापरवाही अब किसानों पर भारी पड़ रही है। पहले तो इन कंपनियों के भारी वाहनों ने झलवारा से लेकर कैलवारा फाटक तक की सड़कें तोड़ डालीं, अब उन्होंने एनकेजे क्षेत्र का नाला छपरवाह स्थित खेतों में मिला दिया, जिसके चलते सैकड़ों किसानों की फसलें जलभराव से नष्ट हो रही हैं।
ग्रामीणों ने दी जानकारी
ग्रामीणों ने बताया कि छपरवाह शराब दुकान के पास बने नाले का पानी सीधे खेतों में छोड़ा जा रहा है, जिससे धान और सब्जी जैसी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। प्रभावित किसानों ने इस गंभीर समस्या की शिकायत कलेक्टर आशीष तिवारी, एसडीएम प्रमोद चतुर्वेदी और रेलवे के एरिया मैनेजर से करते हुए नाले की दिशा मोड़ने की मांग की है।
आपत्ति दर्ज कराई थी
किसानों ने बताया कि नाले के निर्माण के समय भी उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई थी, तब इरकान कंपनी के अधिकारी आत्मानंद द्विवेदी ने एनकेजे आरपीएफ प्रभारी की मौजूदगी में किसानों को आश्वासन दिया था कि नाले की दिशा बदली जाएगी ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे। लेकिन महीनों बाद भी नाले की दिशा नहीं बदली गई। हाल ही में किसान जब झिंझरी स्थित इरकान कार्यालय पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि आत्मानंद द्विवेदी सेवानिवृत्त हो चुके हैं और नए अधिकारी ने कोई स्पष्ट जवाब देने से इंकार कर दिया।
किसानों में गहरा आक्रोश
इस रवैये से किसानों में गहरा आक्रोश है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दीपावली तक नाले की दिशा नहीं बदली गई, तो वे धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
मुख्य आरोप
- इरकान व एलएंडटी के वाहनों से सड़कों की बर्बादी।
- रेलवे क्षेत्र के नाले का पानी खेतों में छोड़ा गया।
- किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न।
- प्रशासन और कंपनी अधिकारियों की चुप्पी से आक्रोश।


