जबलपुर। सेंट एलायसिस स्कूल में काम करने वाली महिला सफाई कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया और मना करने पर नौकरी से निकाल दिया गया। मामले की शिकायत पुलिस से की गई है, जबकि हिंदू धर्म सेना भी पीड़ितों के समर्थन में सामने आई है।
महिलाओं ने बताया कैसे बनाया गया दबाव
शारदा विहार क्षेत्र निवासी दीपा पटेल ने शिकायत में कहा कि वह साल 2024 से स्कूल में सफाई कर्मचारी के रूप में काम कर रही थीं। उनका कहना है कि.. पहले सब कुछ सामान्य था, लेकिन नए फादर सोमी जैकब के आने के बाद माहौल बदल गया। आरोप है कि महिला कर्मचारियों को बुलाकर चर्च आने और ईसाई धर्म स्वीकार करने के लिए कहा गया। मना करने पर साफ शब्दों में कहा गया कि स्कूल में काम करना है तो धर्म बदलना होगा।
इनकार के बाद नौकरी से हटाने का आरोप
दीपा पटेल सहित तीन से चार महिला कर्मचारियों ने धर्म परिवर्तन से इनकार किया। उनका आरोप है कि इसके बाद उन्हें काम से बाहर कर दिया गया। कंटगी निवासी राजेश वाल्मिक ने भी दावा किया कि 12 साल तक काम करने के बावजूद उन्हें दो दिन की छुट्टी लेने के बाद नौकरी से हटा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनसे भी धर्म परिवर्तन करने के लिए कहा गया था। कर्मचारियों का कहना है कि परिवार की जिम्मेदारियों का हवाला देने के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई।
हिंदू धर्म सेना ने आंदोलन की चेतावनी दी
हिंदू धर्म सेना के प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि शहर के कुछ स्कूलों में नौकरी के नाम पर धर्मांतरण कराया जा रहा है। संगठन ने पीड़ित कर्मचारियों के साथ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की और चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा।
स्कूल प्रबंधन का जवाब नहीं, पुलिस जांच शुरू
फादर सोमी जैकब का पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि लिखित शिकायत मिली है। मामले की जांच विजय नगर पुलिस को सौंपी गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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