आलीराजपुर/संजय वाणी/खबर डिजिटल/ कभी कांग्रेस का एकमुश्त वोटबैंक माने जाने वाले आदिवासी समाज को साधने में कांग्रेस एक बार फिर जुट गई है। कांग्रेस पार्टी का फोकस आदिवासी बहुल सीटों पर टिक गया है। जिसके लिए उसके नेता भी मैदान में दिखाई देने लगे हैं। इसकी एक और तस्वीर 12 नवंबर को जोबट में देखने मिलेगी। जब प्रदेश के मंत्री नागर सिंह चौहान के जिले में कांग्रेस के दिग्गज नेता एक साथ एक मंच पर होंगे।
आंदोलन में जुटेंगे कांग्रेस के दिग्गज
12 नवम्बर के इस ऐतिहासिक आदिवासी जनआंदोलन में प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे, जिनमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मंत्री एवं कुक्षी विधायक सुरेंद्र सिंह (हनी) बघेल,आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल,जोबट विधायक श्रीमती सेना महेश पटेल साथ ही अनेक आदिवासी विधायक, जनप्रतिनिधि एवं संगठन पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे, जोकि स्थानीय आदिवासियों के मुद्दों को उठाने का काम करेंगे।
पहले वाले जनआंदोलन में यह की गई थी 22 मांगें
छकतला कृषि मंडी को तत्काल पुनः चालू किया जाए।
किसानों को फसलों का उचित मूल्य एवं समय पर भुगतान मिले।
बिजली संकट का स्थायी समाधान किया जाए।
खाद एवं बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
सोयाबीन, मूंग, उड़द आदि फसलों के नुकसान का मुआवज़ा दिया जाए।
बंगाली डॉक्टरों की जांच कर संदिग्ध कार्यों पर रोक लगाई जाए।
लोक सेवा केंद्र की तकनीकी समस्याओं का स्थायी निराकरण किया जाए।
‘लाड़ली बहना’ योजना में पंजीयन संबंधी परेशानियाँ दूर की जाएं।
योजना की राशि 1250 से बढ़ाकर 3 हजार रुपये प्रतिमाह की जाए।
छकतला को तहसील का दर्जा दिया जाए।
माथवाड़ क्षेत्र में नर्मदा लाइन से पेयजल उपलब्ध कराया जाए।
नर्मदा किनारे के गाँवों में बिजली सुविधा दी जाए।
आधार कार्ड सुधार एवं नए पंजीयन की प्रक्रिया सरल बनाई जाए।
स्कूलों की शिक्षा गुणवत्ता एवं भवन सुधार किए जाएँ।
मिड-डे मील योजना में पौष्टिक भोजन की गारंटी सुनिश्चित की जाए।
सोसाइटी स्तर पर अनाज वितरण में फैले भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की जाए।
शिक्षा विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
बैठकों के जरिए कार्यक्रम की बना रहे रुपरेखा
आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने आगामी 12 नवम्बर को ग्राम डाबड़ी जोबट में आयोजित होने वाले आदिवासी अधिकारों के जनआंदोलन लगातार बैठक कर रहे हैं। वो आदिवासियों से अपील कर रहे हैं कि इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, क्योंकि इसके जरिए उनक हक-अधिकार का मुद्दा ही उठाया जा रहा है। इसकी सफलता पर काफी कुछ टिका हुआ है। महेश पटेल का कहना है कि आदिवासियों की आवाज को उठाने का दिन 12 नबम्बर बेहद ही खास होगा, क्योंकि इसमें कांग्रेस के आला नेता भी कई मुद्दों पर हुंकार भरेंगे।


