मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ ने किसान सम्मान निधि योजना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के हितों की बात तो करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. कमलनाथ का कहना है कि बीते एक साल में प्रदेश में इस योजना के लाभार्थी किसानों की संख्या में भारी गिरावट आई है.
कमलनाथ ने किसान सम्मान निधि योजना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि वर्ष 2024-25 में करीब 86.49 लाख किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा था, लेकिन 2025-26 में यह संख्या घटकर 83.01 लाख रह गई है. उनके मुताबिक, इसका मतलब है कि तीन लाख से ज्यादा किसानों के नाम बिना किसी स्पष्ट जानकारी के योजना से हटा दिए गए.
किसानों की हित में बोले कमलनाथ
कमलनाथ ने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में किसान तकनीकी कारणों की वजह से योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं. उन्होंने बताया कि 80 हजार से अधिक किसानों की ई-केवाईसी अब तक लंबित है, जबकि करीब 1.87 लाख किसानों के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं हैं. इसी कारण इन किसानों के खातों में योजना की किस्त नहीं पहुंच पा रही है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार से की ये मांग
पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार से मांग की कि पात्र किसानों को अनावश्यक परेशान करने के बजाय तुरंत सहायता राशि जारी की जाए. उनका कहना है कि किसानों को सरकारी प्रक्रियाओं और तकनीकी दिक्कतों के कारण लाभ से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए.
