खबर डिजिटल न्यूज़ कटनी-– जिला कलेक्टर कार्यालय परिसर की शासकीय इमारत में सहकारिता विभाग के कार्यालय की जर्जर दीवार अब सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। कार्यालय की दीवार की हालत खराब होने के बावजूद अधिकारी और कर्मचारी उसी भवन में बैठकर अपने शासकीय दायित्वों का निर्वहन करने को मजबूर हैं।बताया जा रहा है कि सहकारिता विभाग के कार्यालय की दीवार लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। दीवार में दरारें और भवन की खराब स्थिति को देखते हुए यहां काम करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ-साथ कार्यालय में आने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।कभी भी हो सकता है हादसाजर्जर भवन में लगातार अधिकारी-कर्मचारियों का बैठना किसी संभावित हादसे को आमंत्रण देने जैसा है। यदि कमजोर दीवार या भवन का कोई हिस्सा अचानक गिरता है तो कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और नागरिकों के जान-माल को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर जिम्मेदार विभाग द्वारा समय रहते भवन का तकनीकी निरीक्षण और आवश्यक मरम्मत क्यों नहीं कराई गई?नियमों के अनुरूप सुरक्षा जांच जरूरीशासकीय कार्यालयों में कर्मचारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। भवन की संरचनात्मक स्थिति संदिग्ध होने पर संबंधित तकनीकी विभाग से निरीक्षण कराकर भवन की स्ट्रक्चरल सेफ्टी का आकलन कराया जाना आवश्यक है। यदि भवन असुरक्षित पाया जाता है तो कार्यालय को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने अथवा आवश्यक मरम्मत/पुनर्निर्माण की कार्रवाई की जानी चाहिए।जिम्मेदार अधिकारियों से कार्रवाई की अपेक्षाकलेक्टर कार्यालय जैसे महत्वपूर्ण शासकीय परिसर में यदि किसी विभाग की दीवार जर्जर हालत में है तो यह केवल भवन की समस्या नहीं, बल्कि कर्मचारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। प्रशासन को मामले का तत्काल संज्ञान लेकर संबंधित भवन का निरीक्षण कराने, जर्जर हिस्से की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आवश्यकतानुसार मरम्मत या वैकल्पिक कार्यालय की व्यवस्था करने की जरूरत है।अब देखना होगा कि संभावित हादसे के बाद प्रशासन जागता है या समय रहते जर्जर दीवार की समस्या का समाधान कर अधिकारियों-कर्मचारियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाता है।
कटनी से सौरभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट मो. 9131308097
