खबर डिजिटल कटनी– सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में कटनी नगर निगम ने प्रदेश में आठवां स्थान हासिल कर ए ग्रेड जरूर प्राप्त किया है, लेकिन इस उपलब्धि के बीच 860 शिकायतों का आंकड़ा कई सवाल भी खड़े करता है। जुलाई 2026 में नगर निगम से जुड़ी 860 शिकायतें सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज हुईं। ऐसे में सवाल यह है कि यदि नागरिकों की समस्याओं का समाधान व्यवस्था के स्तर पर ही हो रहा है, तो इतनी बड़ी संख्या में शिकायतें सीएम हेल्पलाइन तक पहुंचने की नौबत क्यों आ रही है?नगर निगम को 92.33 प्रतिशत वेटेज स्कोर मिला है, जबकि संतुष्टिपूर्ण निराकरण में 53.58 वेटेज स्कोर दर्ज किया गया। यही आंकड़ा व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर पर सवाल खड़ा करता है। शिकायत का निराकरण दर्ज होना और शिकायतकर्ता का वास्तव में संतुष्ट होना—दोनों अलग-अलग बातें हैं।टॉप-10 की खुशी, लेकिन जमीनी हकीकत पर नजर जरूरीप्रदेश में आठवां स्थान निश्चित तौर पर निगम के लिए उपलब्धि है, लेकिन शहर की सड़कों, सफाई, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट और अन्य नागरिक समस्याओं को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रहती हैं। ऐसे में केवल रैंकिंग को सफलता का पैमाना मानना कितना उचित है, यह भी विचार का विषय है।निगम प्रशासन द्वारा शिकायतों की नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग की बात कही गई है। अब जरूरत इस बात की है कि सीएम हेल्पलाइन में शिकायत बंद करने से आगे बढ़कर समस्या का स्थायी समाधान जमीन पर दिखाई दे।बड़ा सवाल—शिकायत कम होंगी या सिर्फ आंकड़े सुधरेंगे?नगर निगम की असली परीक्षा अगली रैंकिंग में होगी। क्या शिकायतों की संख्या घटेगी? क्या नागरिक बिना सीएम हेल्पलाइन का सहारा लिए अपनी स्थानीय समस्याओं का समाधान पा सकेंगे? और क्या 53.58 के संतुष्टि स्कोर में बड़ा सुधार होगा?प्रदेश में आठवां स्थान उपलब्धि है, लेकिन 860 शिकायतें और संतुष्टि के आंकड़े यह संकेत भी देते हैं कि नगर निगम के सामने अभी सुधार की काफी गुंजाइश बाकी है।
टॉप-10 में कटनी नगर निगम, फिर भी 860 शिकायतों का सवाल कायम92.33% स्कोर और प्रदेश में 8वां स्थान—क्या कागजों पर समाधान से आगे बढ़कर जमीन पर भी दिख रहा असर?
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