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Friday, April 17, 2026
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स्कूल हेड प्रतिदिन करें शिक्षकों के कार्यों की मॉनिटरिंग : कलेक्टर के निर्देश पर डाइट फैकल्टी की निरीक्षण रिपोर्ट

कटनी( सौरभ श्रीवास्तव 🖊️)।जिले में विद्यालयों के अकादमिक स्तर में सुधार के लिए कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में डाइट फैकल्टी लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। इसी क्रम में डाइट फैकल्टी राजेन्द्र असाटी ने विजयराघवगढ़ विकासखंड के अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल मुहास, माध्यमिक शाला कांटी एवं हाई स्कूल रजरवारा का अनुवीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान पाया गया कि शासकीय माध्यमिक शाला मुहास में पुस्तकालय संचालन और अभ्यास पुस्तिकाओं की जांच निर्देशों के अनुरूप नहीं हो रही है। वहीं, माध्यमिक शाला कांटी में छात्रों का स्तर सामान्य पाया गया, लेकिन गणित विषय की आधारभूत अवधारणाएं स्पष्ट नहीं थीं। अतिथि शिक्षक पुष्पराज को डाइट कटनी में प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया।शासकीय हाई स्कूल रजरवारा में प्राचार्य एस.एस. पेड्रो और गणित के अतिथि शिक्षक दिनेश बर्मन के प्रयासों से उत्कृष्ट प्रबंधन और बेहतर अध्यापन कार्य पाया गया।निरीक्षण के आधार पर शासकीय माध्यमिक शाला मुहास और कांटी के शिक्षकों को 15 दिनों के भीतर सुधारात्मक कार्य करने और उसके फॉलोअप की जिम्मेदारी दी गई है।डाइट द्वारा बताया गया कि अधिकांश विद्यालयों में शाला प्रमुख शिक्षकों के कार्य की गहन मॉनिटरिंग नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण छात्रों का अकादमिक स्तर अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए लीडरशिप प्रशिक्षण के बाद 15 लक्ष्य तय किए गए हैं। जिन विद्यालय प्रमुखों द्वारा इन लक्ष्यों की पूर्ति की जाएगी, उन्हें डाइट द्वारा प्रोत्साहित किया जाएगा।इस दौरान गौरा, दुर्घटी पिपरिया, यशोदा बाई, सिमरिया सानी और बालक रीठी स्कूलों के कार्यों को सराहनीय पाया गया।जन शिक्षक संदीप मिश्रा एवं गणेश खटीक ने छात्रों का अकादमिक आकलन किया। इसमें पाया गया कि कक्षा 1 से 4 तक के छात्र अंग्रेजी में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। इसके लिए शिक्षकों को स्टेप-बाय-स्टेप सुधार प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए।डाइट कटनी एवं जिला शिक्षा केंद्र द्वारा प्रत्येक जन शिक्षा केंद्र में दो शालाओं को आदर्श शाला बनाकर ट्विनिंग पद्धति से अन्य विद्यालयों को बेहतर बनाने की योजना लागू की जाएगी।इसी क्रम में बालिका छात्रावास बरहटा का भी निरीक्षण किया गया। छात्राओं के अकादमिक स्तर का आकलन किया गया और उन्हें “अप्पूकुट्टन को कैसे तौलें” कहानी सुनाई गई, जिसे अंग्रेजी, गणित और विज्ञान विषय से जोड़कर इंटीग्रेटेड लर्निंग पर चर्चा की गई। छात्रावास की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।

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