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Friday, April 17, 2026
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“सांसद निधि से बने भवन में घटिया निर्माण, ग्राम पंचायत और ठेकेदार पर भ्रष्टाचार के आरोप”

कटनी ✍️सौरभ श्रीवास्तव जनपद पंचायत रीठी अंतर्गत ग्राम पंचायत करहिया क्रमांक 01 में सांसद निधि से निर्माण हो रहे सामुदायिक भवन में घटिया सामग्री के इस्तेमाल को लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। 15 लाख रुपए की राशि से बन रहे इस भवन का निर्माण कार्य बेहद घटिया हो रहा है, जिससे क्षेत्र में पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि जहां भवन निर्माण के लिए सीमेंट, रेत और गिट्टी का उपयोग होना चाहिए था, वहां सरपंच और ठेकेदार की मिलीभगत से मजदूरों को मिट्टी का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे भवन का मजबूती और टिकाऊपन संदेह के घेरे में आ गया है, और आने वाले समय में यह दुर्घटना का कारण बन सकता है।मुख्य बिंदु:सांसद निधि का दुरुपयोग: ग्राम पंचायत करहिया में 15 लाख रुपए की सांसद निधि से सामुदायिक भवन का निर्माण हो रहा है, जिसका उद्देश्य गांव में सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए एक स्थाई स्थल प्रदान करना था। लेकिन घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग इस भवन के भविष्य को खतरे में डाल सकता है।मिट्टी का उपयोग: निर्माण कार्य में सीमेंट और रेत की जगह मिट्टी का प्रयोग हो रहा है, जिससे भवन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह स्थिति हादसों की संभावना को बढ़ा सकती है।पंचायत और ठेकेदार की मिलीभगत: ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार और सरपंच की सांठगांठ से इस घटिया निर्माण को बढ़ावा मिल रहा है। स्थानीय इंजीनियर भी इस मामले में संलिप्त हैं और निर्माण कार्य की नियमित निगरानी नहीं कर रहे हैं।अधिकारियों की लापरवाही स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि जिम्मेदार अधिकारी भी इस भ्रष्टाचार के बारे में जानते हैं, लेकिन वे इसे अनदेखा कर रहे हैं। इससे यह मामला न केवल ग्राम पंचायत, बल्कि पूरे जनपद स्तर पर भ्रष्टाचार की गंभीर स्थिति को उजागर करता है।कार्रवाई का आश्वासन:इस मामले पर सीईओ जनपद रीठी आरएन सिंह ने कहा कि मामले की जांच की गई है, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निर्माण कार्य को तुड़वाकर नए और गुणवत्तापूर्ण निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।इस मामले ने पंचायत के निर्माण कार्यों में हो रहे भ्रष्टाचार और निगरानी की कमजोरियों को उजागर किया है। यह सवाल उठाता है कि सांसद निधि जैसी महत्वपूर्ण राशि का सही इस्तेमाल कब तक सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि जनता की मेहनत की कमाई भ्रष्टाचारियों की जेब में न जाए।

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