खबर डिजिटल कटनी/बरही /(सौरभ श्रीवास्तव )सूत्रों के अनुसार जिला के बरही थाना एवं तहसील क्षेत्र में रेत का अवैध उत्खनन और भंडारण थमने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र की नदियों से ट्रैक्टर-ट्राली के माध्यम से रेत निकालकर या तो स्टॉक किया जाता है या फिर ऑर्डर पर बेचा जा रहा है।ताज़ा मामला ग्राम पंचायत छिंदहाई पिपरिया से सामने आया है। यहां एक किसान के खेत में पिछले दो साल से रखी कई ट्रालियां रेत अब किसान द्वारा बिना किसी प्रशासनिक आदेश के निकाली जा रही है।जानकारी के मुताबिक, लगभग दो वर्ष पूर्व विस्टा कंपनी को जिले में रेत का ठेका मिला था। छिंदहाई पिपरिया खदान भी उसके हिस्से में थी।
कंपनी ने बरसात से पहले ग्राम मार्ग किनारे स्थित एक खेत को भंडारण के लिए एग्रीमेंट पर लिया और वहां रेत डंप कर दी।बाद में विस्टा कंपनी का ठेका समाप्त हो गया और धनलक्ष्मी कंपनी को नया ठेका मिल गया। मगर पुरानी कंपनी अपनी डंप की हुई रेत को खेत से नहीं उठा पाई। किसान सत्येंद्र गौतम और ग्राम पंचायत छिंदहाई पिपरिया के रोजगार सहायक दीपक गौतम ने इस मामले की शिकायत क्षेत्रीय से लेकर जिला स्तर तक की थी।
नियमों के अनुसार, जब तक रेत का वास्तविक मालिक अपनी सहमति दर्ज नहीं कराता, तब तक उसका उठाव अवैध माना जाता है। इसके बावजूद, आरोप है कि विगत कुछ दिनों से रोजगार सहायक दीपक गौतम द्वारा बिना सहमति के ट्रैक्टर-ट्राली से रेत की निकासी करवाई जा रही है।सूत्रों का कहना है कि यह मामला अभी जिला प्रशासन के पास विचाराधीन है और निर्णय होने से पहले रेत का उठाव न्यायालय के आदेश की अवहेलना माना जा सकता है।वहीं, किसान सत्येंद्र गौतम का कहना है—”मेरे खेत पर कई वर्षों से रेत का स्टॉक पड़ा है। मैं खेत का मालिक हूं और किसी आदेश को नहीं मानता। मैं खुद पंचायत कर्मचारी हूं और सब जानता हूं। मेरी पहुंच ऊपर तक है।”स्थानीय लोग और ग्रामीण प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि इस मामले पर तत्काल ध्यान दिया जाए और अवैध निकासी पर रोक लगाई जाए।


