खबर डिजिटल –राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत जिला पंचायत सभागार में समस्त जनपद पंचायतों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जनहित में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, आपसी समन्वय और जवाबदेही को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे जनकेंद्रित दृष्टिकोण, संतुलन और निष्पक्षता के साथ कार्य करें। शासन की योजनाओं की समुचित जानकारी होने से जरूरतमंदों को समय पर लाभ पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने राजनीतिक और प्रशासनिक संतुलन बनाए रखते हुए कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके पश्चात प्रतिभागियों का मैन्युअल वितरण एवं टीएमपी पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीयन किया गया। एसआईआरडी जबलपुर से आए प्रशिक्षण प्रभारी श्री पंकज राय ने प्रशिक्षण की रूपरेखा एवं उद्देश्य की जानकारी दी।प्रशिक्षण सत्र के दौरान जनप्रतिनिधियों ने अपने कार्यक्षेत्र के अनुभव साझा किए तथा समस्याओं एवं चुनौतियों पर चर्चा की। सीईओ ने प्रतिभागियों के प्रश्नों के समाधान करते हुए सुझाव भी आमंत्रित किए और प्रशिक्षण का फीडबैक लिया।जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अनुराग मोदी ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए सभी विभागों और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।कार्यशाला में सतत विकास के 17 लक्ष्यों, ग्राम पंचायत विकास योजना, जनपद पंचायत विकास योजना, जिला पंचायत विकास योजना तथा वन अधिकार अधिनियम 2006 के संबंध में अधिकारियों द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम के अंत में जनप्रतिनिधियों ने सहयोग और समन्वय से विकास कार्यों को गति देने का संकल्प लिया।
राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत जनपद पंचायत प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण सम्पन्नजनकेंद्रित दृष्टिकोण, जवाबदेही और निष्पक्षता से योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर – सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर
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