खंडवा/हरेंद्र नाथ ठाकुर/खबर डिजिटल/ गुरुवार को शहर में एक बार फिर सियासी सरगर्मी उस वक्त तेज हो गई, जब भाजपा नेताओं और आरटीओ विभाग के बीच जबरदस्त तू-तू, मैं-मैं देखने को मिली। आरटीओ द्वारा भाजपा नेता राकेश बंसल के ओवरलोड डंपर पर कार्रवाई करने के बाद मामला इतना बढ़ गया कि भाजपा नेताओं ने पंधाना रोड पर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर बहसबाजी हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। खंडवा आरटीओ दीपक माझी ने गुरुवार सुबह भाजपा नेता राकेश बंसल के स्वामित्व वाले डंपर पर ओवरलोडिंग की कार्रवाई करते हुए चालान बना दिया। इसी बात से नाराज भाजपा नेता बंसल ने आरटीओ पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आरटीओ विभाग शहर में चलने वाले सभी डंपर चालकों से हर माह 2 हजार प्रति डंपर की वसूली कर रहा है। बंसल का आरोप है कि उनके पास 40 डंपर हैं और उनसे हर माह 80 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। जब उन्होंने राशि देने से इंकार किया, तो लगातार उनके वाहनों को टारगेट कर चालान किए जा रहे हैं।
भाजपा नेताओं ने किया चक्कजाम
इस कार्रवाई से आक्रोशित भाजपा नेता मुकेश तनवे अपने समर्थकों के साथ पंधाना रोड स्थित धर्मकांटे के पास सड़क पर उतर आए, और चक्काजाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, जिसमें विधायक पति मुकेश तनवे, भाजपा के महामंत्री धर्मेंद्र बजाज, और राकेश बंसल सहित कई पदाधिकारी शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान नेताओं और आरटीओ दीपक माझी के बीच जमकर बहस हुई। इस दौरान माहौल कई बार तनावपूर्ण भी हो गया। बहस के दौरान आरटीओ दीपक माझी ने भाजपा नेताओं को एफआईआर दर्ज करने की चेतावनी दी, जिसके बाद भाजपा नेताओं ने भी पलटकर आरटीओ के खिलाफ एफआईआर कराने की धमकी दी। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि विभाग खुलकर वसूली में लिप्त है और जो विरोध करता है, उस पर कार्रवाई की जाती है।
विधायक के आदमी बोलने पर मामला बिगड़ा
विवाद तब और गरमा गया जब आरटीओ ने भाजपा महामंत्री धर्मेंद्र बजाज की ओर इशारा करते हुए कहा कि ‘ये विधायक के आदमी हैं, इसलिए दबाव बना रहे हैं।’ इस बयान पर भाजपा कार्यकर्ता भड़क उठे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि ‘विधायक महिला हैं और उन्हें ‘विधायक का आदमी’ कहना एक तरह से उनका और पार्टी कार्यकर्ताओं का अपमान है।’ इसके बाद नारेबाजी तेज हो गई और पुलिस को हालात काबू में लेने में काफ़ी मशक्कत करनी पड़ी।
खंडवा कलेक्टर ने शांति बरतने की कि अपील
घंटे भर तक जब विवाद की स्थिति निर्मित रही तब इस बीच जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के खंडवा दौरे के चलते प्रशासन नहीं चाहता था कि मामला और बढ़े। कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर भाजपा नेताओं से बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के बाद मामले की विस्तृत जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भाजपा नेताओं ने धरना समाप्त किया। करीब एक घंटे तक चले इस हंगामे के दौरान पंधाना रोड पर यातायात ठप रहा। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद माहौल कई बार तनावपूर्ण होता रहा। प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें भाजपा नेता और आरटीओ के बीच तीखी नोकझोंक साफ दिखाई दे रही है।
पूरे मामले में आरटीओ विभाग से मांगा गया स्पष्टीकरण
फिलहाल प्रशासन ने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तैयार कर ली है और आरटीओ विभाग से स्पष्टीकरण मांगा गया है। भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपों की जांच निष्पक्ष रूप से नहीं की गई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। इस विवाद ने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है, खासकर तब जब मुख्यमंत्री का दौरा हो रहा है और उसी दिन भाजपा नेता किसी अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोलते नजर आए। अब देखना होगा कि प्रशासन इस प्रकरण पर क्या कार्रवाई करता है और क्या भाजपा संगठन अपने ही नेताओं के इस विरोध पर कोई अनुशासनात्मक कदम उठाता है या नहीं।


