खंडवा /लोकेंद्र तिरोले/ खबर डिजिटल/ लोकायुक्त इंदौर की टीम ने मंगलवार को बाल संप्रेषण गृह खंडवा के अधीक्षक हरजिन्दर सिंह अरोरा को 4,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी महिला एवं बाल विकास विभाग में पदस्थ रहते हुए वर्तमान में अधीक्षक के पद पर कार्यरत था।
जानकारी के मुताबिक, रतागढ़, हरसूद नाका निवासी महिला कर्मचारी पिछले चार वर्षों से संप्रेषण गृह में भोजन बनाने का कार्य कर रही थी। जून और जुलाई 2025 का वेतन बकाया होने पर उसने अधीक्षक से भुगतान की मांग की। अधीक्षक ने प्रति माह 2,000 रुपये के हिसाब से कुल 4,000 रुपये रिश्वत की मांग की थी। भुगतान न करने पर नौकरी से निकालने की धमकी भी दी थी।
पीड़िता ने लोकायुक्त इंदौर के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय को शिकायत की। मामले के सत्यापन के बाद ट्रैप दल ने योजनाबद्ध तरीके से आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया।
ट्रैप दल में कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास, प्रतिभा तोमर, आरक्षक विजय कुमार, कमलेश परिहार, आशीष नायडू, चेतन सिंह परिहार, कमलेश तिवारी और चालक शेरसिंह ठाकुर शामिल रहे। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।


