भोपाल/खबर डिजिटल/ मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग भोपाल ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कार्यकुशलता का परिचय देते हुए देश के सर्वश्रेष्ठ विद्युत नियामकों की सूची में छठवां (6th) स्थान प्राप्त किया है। पावर फाउंडेशन ऑफ इंडिया (PFI) और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम द्वारा संयुक्त रूप से जारी “राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के विनियामक प्रदर्शन की रेटिंग 2025” रिपोर्ट में मध्य प्रदेश को यह गौरव हासिल हुआ है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व और ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के मार्गदर्शन में प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में निरंतर सुधार हो रहे हैं। यह रिपोर्ट राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश के विद्युत नियामक आयोगों की नियामक प्रदर्शन रेटिंग संबंधी प्रथम रिपोर्ट है, जिसे विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी किया गया है। यह रिपोर्ट नियामकीय प्रदर्शनों का अनुशासित, साक्ष्य आधारित और पारदर्शी मूल्यांकन प्रस्तुत करती है।
प्रमुख उपलब्धियां
• ‘A’ कैटेगरी में शामिल: रिपोर्ट में मध्य प्रदेश को ‘A’ ग्रेड प्रदान किया गया है, जो राज्य में मजबूत नियामकीय ढांचे और बिजली उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण को दर्शाता है।
• राष्ट्रीय रैंकिंग: 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच हुए इस कड़े मूल्यांकन में मध्य प्रदेश ने छठवां (6th) स्थान प्राप्त किया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इसका कारण मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा समय पर टैरिफ ऑर्डर जारी करना, डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए कड़े कदम उठाना और अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) को बढ़ावा देने वाली पारदर्शी नीतियों की प्रमुख भूमिका है जिसके फलस्वरूप मध्य प्रदेश इस मुकाम पर पहुँचा है। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश बिजली क्षेत्र में संसाधन पर्याप्तता (Resource Adequacy) और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के मानदंडों पर देश के अग्रणी राज्यों में से एक बनकर उभरा है।
इस गौरवशाली रैंकिंग के साथ मध्य प्रदेश ने देश के ऊर्जा क्षेत्र में अपनी प्रशासनिक और नीतिगत सुदृढ़ता को एक बार फिर प्रमाणित किया है और ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश उत्तरोत्तर प्रगति करने के लिए कृतसंकल्पित है।


