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Friday, April 17, 2026
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मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का समापन: सत्र की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित

भोपाल, खबर डिजिटल/ विजय पाल/ मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र फरवरी-मार्च 2026 के समापन अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष माननीय श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि सोलहवीं विधान सभा के नवम् सत्र में कुल 10 बैठकें आयोजित हुईं. जिनमें विधायी, वित्तीय तथा लोक महत्व के अनेक महत्वपूर्ण कार्य सम्पन्न हुए।

इस सत्र में सदन ने अनेक लोक महत्त्व के विषयों पर प्रश्नों एवं ध्यानाकर्षण सूचनाओं के माध्यम से सार्थक चर्चा की। जहाँ प्रश्नों के माध्यम से माननीय सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु सरकार का ध्यान आकृष्ट किया, वहीं ध्यानाकर्षण के माध्यम से शासन एवं प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, संवेदनशील एवं उत्तरदायी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।

इस सत्र के महत्वपूर्ण ध्यानाकर्षणों में गौ-संरक्षण के विषय को प्रमुखता से उठाया गया तथा सरकार द्वारा प्रदेश में संचालित एवं निर्माणाधीन गौशालाओं की विस्तृत जानकारी सदन को दी गई। इसके अतिरिक्त प्रदेश में आवारा श्वानों द्वारा नागरिकों को काटे जाने की घटनाओं पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई, जिस पर सरकार ने ठोस एवं प्रभावी कार्यवाही करने का आश्वासन प्रदान किया।

इन विषयों के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, कृषि, अधोसंरचना एवं नगरीय व्यवस्थाओं से संबंधित अनेक जनहितकारी मुद्दों पर भी सदन में विचार-विमर्श हुआ, जिससे लोकतांत्रिक प्रणाली की जीवंतता परिलक्षित हुई।

इन्हीं महत्वपूर्ण कार्यों के साथ सदन ने वर्ष 2026-27 के आय-व्ययक को पारित किया तथा वर्ष 2025-26 की तृतीय अनुपूरक मांगों को अपनी स्वीकृति प्रदान की। यह वित्तीय उत्तरदायित्व एवं लोकतांत्रिक कर्तव्यों के प्रभावी निर्वहन का एक महत्वपूर्ण चरण रहा, जिसने शासन की नीतियों एवं योजनाओं को विधिक एवं संवैधानिक आधार प्रदान किया।

सत्र के दौरान कुल 3478 प्रश्न प्राप्त हुए, जिनमें 1750 तारांकित एवं 1728 अतारांकित प्रश्न सम्मिलित थे। ध्यानाकर्षण की 902 सूचनाएँ प्राप्त हुईं, शून्यकाल की 337 सूचनाएँ तथा 771 याचिकाएँ प्राप्त हुईं। इसके अतिरिक्त 01 शासकीय विधेयक तथा 6 अशासकीय एवं 01 संविहित संकल्प पारित किए गए।

समितियों के प्रतिवेदन भी सदन के पटल पर प्रस्तुत किए गए। साथ ही सदन के नेता एवं माननीय मुख्यमंत्री द्वारा कृषक कल्याण वर्ष 2026 के संबंध में महत्वपूर्ण वक्तव्य सदन में प्रस्तुत किया गया।

माननीय सदस्यों द्वारा राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पर 9 घंटे 05 मिनट तथा आय-व्ययक पर सामान्य मान्य चर्चा 1 घंटा 44 मिनट तक चली। भोजनावकाश स्थगित कर सदन की बैठक अवधि में वृद्धि करते हुए अनुदान की मांगों सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चाएँ सम्पन्न हुईं। सदन की कुल कार्यवाही लगभग 62 घंटे तक चली और सभी कार्य सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुए।

मध्यप्रदेश विधान सभा अपने नवाचारों के लिए सदैव पहचानी जाती रही है। इसी क्रम में दिनांक 18 फरवरी, 2026 को प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के आय-व्ययक का समस्त साहित्य माननीय सदस्यों को ई-बजट के रूप में, ई-विधान परियोजना के अंतर्गत उपलब्ध कराए गए टैबलेट्स में अपलोड कर प्रदान किया गया, जो पारदर्शिता एवं तकनीकी उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

हम सभी जनप्रतिनिधियों का मूल दायित्व जन-समस्याओं का निराकरण, जन-आकांक्षाओं की पूर्ति तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। दलीय निष्ठाएँ भिन्न हो सकती हैं, परंतु हमारा साझा लक्ष्य सदैव जनहित ही रहता है। संसदीय लोकतंत्र में सहमति-असहमति, समर्थन-विरोध तथा दलीय प्रतिबद्धताएँ स्वाभाविक हैं। मतभेद लोकतंत्र की एक शक्ति हैं, परंतु यह संतोष का विषय है कि मतभेदों के बावजूद मनभेद की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।

सत्र के दौरान अनेक विषयों पर गहन एवं कभी-कभी तीव्र बहस भी हुई. किंतु अंततः सभी कार्य लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप सफलतापूर्वक संपन्न हुए।

इस सत्र के सुचारू संचालन हेतु माननीय मुख्यमंत्री जी, माननीय नेता प्रतिपक्ष, सभी माननीय मंत्रीगण, सभापति तालिका के सदस्यगण, समस्त माननीय सदस्य, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधिगण, विधान सभा के प्रमुख सचिव, विधान सभा सचिवालय एवं शासन के अधिकारी-कर्मचारी तथा सुरक्षा कर्मियों के साथ-साथ संसदीय कार्य मंत्री, श्री कैलाश विजयवर्गीय जी का भी हृदय से आभार व्यक्त हुए कहा उनके दीर्घगामी अनुभव और संसदीय योग्यता से सदन के सुचारु संचालन में सहयोग प्राप्त हुआ है. श्री तोमर ने सभी के प्रति हृदय से आभार प्रकट किया तथा पूरे सदन की ओर से प्रदेशवासियों को होली, रंचपंचमी, गुड़ी गड़वा, चैती चांद, ईद-उल-फितर, राम नवमी तथा महावीर जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दीं तथा प्रदेश की समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामना की।

उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने भी सदन को संबोधित करते हुए कहा कि सत्र अत्यंत सार्थक, परिणामकारी एवं जन भावनाओं के अनुरूप रहा।
संसदीय कार्य मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय माननीय विधानसभा अध्यक्ष को धन्यवाद देते हुए कहा कि आपके कुशल नेतृत्व में, आपके अनुभव के कारण विधान सभा ने एक नई ऊंचाई प्राप्त की है. इसलिये चाहता हूं कि पूरा सदन माननीय अध्यक्ष जी का अभिनन्दन करे. श्री विजयवर्गीय ने कहा कि हमारा मध्यप्रदेश उन प्रदेशों में है, जिनकी विधान सभाओं की अपनी गरिमा एवं परम्परा हमेशा बहुत उच्चकोटि की रही है. जिसकी चर्चा सारे देश में की जाती है.

  अंत में विधायक डॉ राजेंद्र कुमार सिंह ने सदन में कहा कि हमारी विधान सभा की जो गौरवमयी परम्परा रही है, वह दबे पांव धीरे-धीरे वापस आ रही है.

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