डिंडौरी/खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ जिला मुख्यालय में सोमवार की सुबह ‘नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा’ के अंतर्गत आयोजित विशेष मैराथन दौड़ में जिले की बेटियों ने न केवल खेल में अपनी प्रतिभा दिखाई, बल्कि समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का भी बखूबी निर्वहन किया। कलेक्ट्रेट प्रांगण से शुरू होकर उत्कृष्ट विद्यालय परिसर तक पहुँची यह दौड़, महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ नशा मुक्ति और जल संरक्षण के संकल्पों का प्रतीक बन गई।
नगर परिषद डिंडौरी की अध्यक्ष सुनीता सारस ने हरी झंडी दिखाकर मैराथन दौड़ का शुभारंभ किया। इस दौरान छात्राओं का उत्साह देखते ही बनता था। दौड़ में शामिल प्रतिभागियों ने ‘नशा मुक्त भारत’ और ‘जल गंगा संरक्षण’ का संदेश देते हुए शहर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरीं। यह आयोजन केवल दौड़ तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके समापन पर सभी प्रतिभागियों को समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्वों को पूरा करने की शपथ दिलाई गई, ताकि वे आने वाले समय में जागरूक समाज की नींव बन सकें।
MP Bjp : मोहन-हेमंत का बड़ा प्लान, अब लगेगी विधायक-सांसदों की ड्यूटी
एसडीएम रामबाबू देवांगन
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री रामबाबू देवांगन ने बेटियों का उत्साहवर्धन करते हुए अत्यंत मार्मिक और प्रेरणादायक संबोधन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि “शपथ लेना मात्र एक रस्म अदायगी नहीं है, इसे हर पल अपने जीवन और व्यवहार में उतारना जरूरी है।”
संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के आदर्शों को याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि हमें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी पूरी निष्ठा से पालन करना चाहिए। उन्होंने उपस्थित लोगों का आह्वान किया कि वे नशा मुक्ति और जल संरक्षण जैसे विषयों को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर, इसे अपने परिवार और समाज की सुरक्षा का माध्यम बनाएं।
नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता सारस ने कहा कि वर्तमान दौर नारी शक्ति का है। उन्होंने कहा, “शासन की नीतियां महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं और ‘नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा’ इसी दिशा में एक मील का पत्थर है।” उन्होंने विश्वास जताया कि जिले की बेटियां न केवल आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि समाज के हर क्षेत्र में नेतृत्व करेंगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए बताया कि 10 अप्रैल से 25 अप्रैल तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सांस्कृतिक और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस पखवाड़े का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को धरातल पर उतारना है। इस मैराथन दौड़ में आदिवासी विकास विभाग, खेल विभाग, जनसंपर्क विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों और भारी संख्या में नागरिकों की भागीदारी ने यह सिद्ध कर दिया कि डिंडौरी का समाज सकारात्मक बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार है।
यह आयोजन यह स्पष्ट करता है कि जब प्रशासन का सहयोग और युवाओं का संकल्प मिलता है, तो सामाजिक कुरीतियों को दूर कर एक समृद्ध समाज का निर्माण करना आसान हो जाता है।


