सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी जनपद पंचायत कटनी अंतर्गत ग्राम पंचायत बंडा में संचालित मनरेगा “जी राम जी” योजना के तहत तालाब निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय ग्रामीणों और सूत्रों का आरोप है कि मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कराकर वास्तविक कार्य जेसीबी मशीनों से कराया जा रहा है, जिससे मनरेगा नियमों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं।ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा योजना का उद्देश्य स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है। योजना के तहत 60 प्रतिशत कार्य मजदूरों से कराए जाने का प्रावधान है, लेकिन ग्राम पंचायत बंडा में इसके विपरीत मशीनों से खुदाई कर तालाब निर्माण कराया जा रहा है। इससे ग्रामीण मजदूरों को रोजगार मिलने के बजाय केवल कागजों में हाजिरी भरने का आरोप लग रहा है।स्थानीय सूत्रों के अनुसार तालाब खुदाई के दौरान निकलने वाली मुरुम का उपयोग पंचायत के सरकारी कार्यों में किया जा सकता है, लेकिन आरोप है कि यहां मुरुम को निजी उपयोग के लिए बेचा जा रहा है। इससे पंचायत के कार्यों में पारदर्शिता और शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।ग्रामीणों ने पंचायत के अधिकारियों और सरपंच पर मिलीभगत कर मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीणों को 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही “जी राम जी” योजना का लाभ पात्र मजदूरों तक नहीं पहुंच रहा।अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले पर कब कार्रवाई करेंगे और मनरेगा नियमों के उल्लंघन की जांच होगी या नहीं। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
मनरेगा के नाम पर मशीनराज! बंडा पंचायत में तालाब निर्माण में भारी अनियमितताओं के आरोप
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