भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकारी कर्मचारियों को हिदायत दी थी कि वो समय पर दफ्तर आए और वक्त पर ही जाएं, इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग को ताकीद किया गया था कि वो तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के आने-जाने के टाइम के बारे में जानकारी जुटाएं। इसी तरह अब इन कर्मचारियों के परफॉर्मेंस के संबंध में भी जानकारी जुटाई जाएगी। इसके चलते राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों से तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के सालभर के कामकाज का विस्तृत ब्यौरा मांगा है। इसके संबंध में बाकायदा विभाग ने अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वो 7 दिन के भीतर इन कर्मचारियों के वार्षिक कार्य का विवरण प्राप्त करें।
सामान्य प्रशासन विभाग जुटाएगा जानकारी
अधिकारियों को सामान्य प्रशासन विभाग ने निर्देशित किया है कि समय सीमा के भीतर काम पूरा कर विभाग को भेजा जाए। जारी किए गए पत्र में उल्लेख है कि मंत्रालय स्तर पर कार्यरत तृतीय श्रेणी के अनुविभागीय अधिकारी, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3, निजी सहायक, स्टेनोग्राफर और तकनीकी कर्मचारियों को 31 मार्च 2026 से पहले अपना कार्य विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। सामान्य प्रशासन विभाग के स्पष्ट निर्देश है कि कर्मचारियों का प्रतिवेदन पूरी तरह से गोपनीय रखा जाए, और अनिवार्य रुप से समयसीमा में उपलब्ध कराया जाए। साथ ही ढिलाई बरतने पर जवाबदेही तय की जा सकती है।
परफॉर्मेंस से ही होगी प्रमोशन, वरिष्ठता दरकिनार
सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि भविष्य में विभागीय पदोन्नति वरिष्ठता के आधार पर नहीं, परफॉर्मेंस के आधार पर किया जाएगा, जानकारी के मुताबिक यह कदम प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने और जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार चाहती है कि प्रत्येक कर्मचारी की भूमिका, जिम्मेदारी और उपलब्धियों का स्पष्ट रिकॉर्ड रहे, ताकि कार्य संस्कृति में सुधार हो। विभागीय अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि वो कर्मचारियों की कार्यकुशलता का वस्तुनिष्ठ तरीके से करें, अर्थात करीबीपन हावी ना हो। पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए। इससे जवाबदेही और पारदर्शिता को तय करना मुख्य कदम है।
